कोल सेक्टर में मचा हड़कंप, सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही को लेकर बड़ी कार्रवाई; बोकारो-बेरमो क्षेत्र में भी बढ़ सकती है निगरानी
बोकारो/धनबाद। कोयला चोरी और अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने की दिशा में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने बड़ी कार्रवाई की है। जानकारी के अनुसार, बीसीसीएल धनबाद इकाई में तैनात एक सहायक कमांडेंट समेत कुल चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई कोयला चोरी रोकने में कथित लापरवाही के आरोपों को लेकर की गई है।
निलंबित अधिकारियों में सहायक कमांडेंट एलआर अरुण जय सिंह, इंस्पेक्टर चंद्रभूषण सहगल, एमडी सोहेल और पारस यादव के नाम शामिल बताए जा रहे हैं। इस कार्रवाई के बाद बीसीसीएल धनबाद से लेकर सीसीएल करगली समेत अन्य कोयला क्षेत्रों की सुरक्षा इकाइयों में हलचल तेज हो गई है।
कोयला चोरी और लीकेज पर बढ़ी सख्ती
कोयला क्षेत्रों में चोरी और अवैध निकासी पर रोक लगाने को लेकर केंद्र सरकार की ओर से लगातार सख्त रुख अपनाया जा रहा है। इसी क्रम में कोयला कंपनियों की सुरक्षा व्यवस्था, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी और अवैध गतिविधियों को रोकने में जिम्मेदार एजेंसियों की भूमिका पर भी नजर रखे जाने की बात सामने आ रही है।
सूत्रों के अनुसार, बीसीसीएल धनबाद, सीसीएल करगली, ईसीएल राजमहल और पिपरवार समेत विभिन्न कोयला क्षेत्रों की संवेदनशील इकाइयों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। उन स्थानों की पहचान किए जाने की भी चर्चा है, जहां कथित सांठगांठ के जरिए सार्वजनिक क्षेत्र की कोयला कंपनियों की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या अवैध तरीके से कोयला निकालने की शिकायतें सामने आती रही हैं।
गोपनीय सूची तैयार होने की चर्चा
सूत्रों का दावा है कि अवैध कोयला कारोबार से जुड़े कथित नेटवर्क की पहचान के लिए एक गोपनीय सूची तैयार की जा रही है। इसमें सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों के अलावा कथित कोयला तस्करों और उनसे संपर्क रखने वाले अन्य प्रभावशाली व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच किए जाने की चर्चा है।
हालांकि, ऐसी किसी सूची में शामिल व्यक्तियों या संगठनों के संबंध में आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने आने तक किसी को दोषी नहीं माना जा सकता। जांच और सक्षम प्राधिकारी की कार्रवाई के बाद ही जिम्मेदारी तय होगी।
बताया जा रहा है कि कोयला चोरी के मामलों में संबंधित सार्वजनिक उपक्रमों के अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता अथवा गंभीर लापरवाही प्रमाणित होती है, तो उसके खिलाफ विभागीय नियमों और कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
धनबाद के बाद बोकारो-बेरमो क्षेत्र पर भी नजर
धनबाद में हुई कार्रवाई के बाद अब बोकारो जिले के बेरमो अनुमंडल क्षेत्र में भी अवैध कोयला कारोबार के खिलाफ निगरानी और कार्रवाई तेज होने की चर्चा है। स्थानीय स्तर पर चलकारी, गोमिया, बेरमो, नावाडीह और चंद्रपुरा सहित कुछ इलाकों में कथित अवैध कोयला कारोबार की शिकायतें सामने आती रही हैं।

