उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (UPCC) में हुए बड़े संगठनात्मक बदलाव के बाद प्रदेश की राजनीति में सरगर्मी तेज हो गई है। पार्टी हाईकमान द्वारा अजय राय की जगह विधायक आराधना मिश्रा ‘मोना’ को नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के ठीक बाद निवर्तमान अध्यक्ष अजय राय का बड़ा बयान सामने आया है। पदमुक्त होने के बाद वाराणसी में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए अजय राय ने पार्टी नेतृत्व और अपने नेता राहुल गांधी के प्रति अटूट निष्ठा और समर्पण जाहिर किया।

पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए अजय राय ने कहा
“यह राष्ट्रीय नेतृत्व का निर्णय है, जो निर्णय राष्ट्रीय नेतृत्व देगा उस पर हम हमेशा खड़े हैं। उन्होंने मुझसे कहा था कि मोदी से लड़ना है, और मैंने पूरी ताकत से खुलकर मुकाबला किया। मैं आगे भी इसी तरह लड़ता रहूंगा। मैं निश्चित तौर से अपने नेता राहुल गांधी का ‘हनुमान’ हूं, जहाँ कहेंगे वहाँ निश्चित तौर से लंका दहन कर दूंगा।”
— अजय राय | पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (UPCC)
‘इस्तीफा मांगा नहीं गया, यह सामान्य संगठनात्मक प्रक्रिया’
अजय राय ने पद से हटाए जाने या असंतोष की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए स्थिति साफ की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी में बदलाव एक स्वाभाविक प्रक्रिया है:
- पार्टी के आदेश का सम्मान: उन्होंने कहा कि उनसे कोई जबरन इस्तीफा नहीं मांगा गया है और न ही उन पर किसी तरह का दबाव था। यह पार्टी नेतृत्व का निर्देश है, जिसका वे एक अनुशासित कार्यकर्ता की तरह पालन कर रहे हैं।
- पद स्थाई नहीं होते: राजनीति में पदों के आने-जाने पर बात करते हुए उन्होंने कहा, “यह राजनीति है, आज पद है, कल नहीं रहेगा। मैं पिंडरा से पांच बार विधायक रहा हूँ, कुछ भी स्थाई नहीं होता। मैंने पूरी ईमानदारी और निष्ठा से अपना फर्ज निभाया है।”
- बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद: उन्होंने जोड़ा कि वे बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी के निवासी हैं और महादेव के आशीर्वाद से आगे भी अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
‘जब भी मोदी से लड़ने की बात आई, छाती खोलकर मुकाबला किया’
अपनी सियासी यात्रा और संघर्ष का जिक्र करते हुए अजय राय ने पीएम नरेंद्र मोदी और सत्ताधारी दल के खिलाफ अपनी आक्रामक शैली को रेखांकित किया
- शीर्ष नेतृत्व का भरोसा: अजय राय ने याद दिलाया कि केंद्रीय नेतृत्व ने जब भी उन पर भरोसा जताया, उन्होंने नतीजों की परवाह किए बिना पूरी ताकत से मुकाबला किया।
- वाराणसी चुनाव का संदर्भ: उन्होंने कहा कि शीर्ष नेतृत्व की ताकत के बल पर ही उन्होंने वाराणसी में पीएम मोदी के खिलाफ मजबूती से चुनाव लड़ा, जहां उन्हें 4 लाख 60 हजार से अधिक वोट मिले और कई राउंड में बढ़त भी बनाई।
- आगे भी जारी रहेगी लड़ाई: उन्होंने संकल्प लिया कि पार्टी जो भी भूमिका तय करेगी, वे उसी निडरता के साथ भाजपा सरकार, उसकी नीतियों और गुंडागर्दी के खिलाफ कार्यकर्ताओं के साथ मैदान में डटे रहेंगे।
नई अध्यक्ष आराधना मिश्रा को दी बधाई और संदेश
अजय राय ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस की कमान संभालने जा रही नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ को हार्दिक बधाई दी और उनके सफल कार्यकाल की कामना की:
- कार्यकर्ताओं के सम्मान की रक्षा: अजय राय ने नई अध्यक्ष से आग्रह किया कि वे संगठन के जमीनी कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें।
- अत्याचार के खिलाफ ढाल बने संगठन: उन्होंने कहा कि जब भी भाजपा सरकार, पुलिस प्रशासन या संघ के लोग कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर अन्याय करें, तो नेतृत्व को उनके साथ चट्टान की तरह खड़ा होना चाहिए।
- पूर्ण सहयोग का भरोसा: अजय राय ने आश्वस्त किया कि यूपी में संगठन को और अधिक गतिशील और मजबूत बनाने में उनका पूर्ण सहयोग और स्नेह नई टीम के साथ रहेगा।
राजनीतिक मायने: राहुल गांधी से मुलाकात और भावी भूमिका
संगठनात्मक फेरबदल के बाद नेताओं में अक्सर असंतोष या बगावती तेवर देखने को मिलते हैं, लेकिन अजय राय ने खुद को राहुल गांधी का ‘हनुमान’ बताकर एक बड़ा सियासी संदेश दिया है।
सूत्रों और खुद अजय राय के बयानों के अनुसार, इस फेरबदल से पहले उनकी मुलाकात राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और प्रियंका गांधी से हुई थी, जिसमें उत्तर प्रदेश में पार्टी की भावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। अजय राय का यह बयान साफ संकेत देता है कि भले ही वे प्रदेश अध्यक्ष के पद पर न रहें, लेकिन उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस के आक्रामक अभियानों में उनकी भूमिका बेहद अहम और अग्रिम पंक्ति की रहने वाली है।


