INDIA Bloc Meeting: देश की राजधानी में चुनावी मामलों और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे के आमंत्रण पर जनपथ स्थित एक वेन्यू पर विपक्षी दलों के शीर्ष नेताओं और सांसदों की उच्च स्तरीय बैठक हुई। यह बैठक ऐसे समय में बुलाई गई है जब एक दिन पहले ही विपक्षी दलों ने ‘सेव डेमोक्रेसी’ अभियान के तहत विरोध मार्च निकाला था।
CEC से मिलने के लिए हस्ताक्षर अभियान
सूत्रों के मुताबिक, इस लंच मीटिंग के दौरान विपक्षी सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त CEC से मुलाकात का समय मांगने के लिए तैयार किए गए एक औपचारिक पत्र पर हस्ताक्षर किए। विपक्षी गठबंधन (INDIA ब्लॉक) का आरोप है कि चुनाव आयोग उनकी चिंताओं को सुनने और निष्पक्षता से काम करने में विफल रहा है।
सड़कों से लेकर ब्लॉक स्तर तक विरोध जारी
बैठक से पहले मीडिया से बात करते हुए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता सुधाकर सिंह ने स्पष्ट किया कि यह लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है जो अब रुकने वाली नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं पर राजनीतिक दबाव है और देश संविधान के हिसाब से चलेगा, किसी के निजी हठ से नहीं। वहीं, CPI सांसद पी. संदोष कुमार ने कहा कि यह आंदोलन अब पूरे देश का नारा बन चुका है।
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हिरासत और टकराव का दौर
गौरतलब है कि इससे पहले INDIA ब्लॉक के नेताओं ने निर्वाचन सदन की ओर मार्च किया था, जिसके बाद आकाशवाणी भवन के पास भारी ड्रामा देखने को मिला था। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई प्रमुख नेताओं को हिरासत में भी लिया गया था। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया था कि शाम 4 बजे से पहले किसी भी दल ने औपचारिक रूप से मिलने का समय नहीं मांगा था। अब विपक्षी दल एकजुट होकर अपनी मांगों को लेकर और आक्रामक रुख अपनाने की तैयारी में हैं।


