कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में राज्य के नाम को लेकर एक बार फिर बड़ी हलचल शुरू हो गई है। पश्चिम बंगाल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने बुधवार को स्पष्ट संकेत दिया है कि राज्य का नाम बदलकर जल्द ही ‘पश्चिम बंग‘ (Paschim Banga) कर दिया जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कदम इस क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान और विरासत को संरक्षित करने के लिए उठाया जा रहा है।
समिक भट्टाचार्य का बयान
पत्रकारों से बातचीत करते हुए समिक भट्टाचार्य ने दृढ़ता से कहा, “अब आपको ‘बांग्ला’ या ‘वेस्ट बंगाल’ जैसे नामों के इस्तेमाल की जरूरत नहीं पड़ेगी। राज्य सरकार अपनी ऐतिहासिक जड़ों से जुड़ने के लिए बहुत जल्द विधानसभा सत्र में एक नया विधेयक लाने जा रही है। ताकि राज्य का नाम उसकी समृद्ध इतिहास के साथ गहराई से जुड़ा रहे।”
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अन्य राजनीतिक मुद्दों पर भी रखी बेबाक राय
नाम बदलने के अलावा, समिक भट्टाचार्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रशासन में 25 साल पूरे होने पर उनके संबोधन की सराहना की और विपक्ष पर भी जमकर निशाना साधा। राहुल गांधी और विपक्षी दलों की रणनीति पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास इस समय कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है। इसके अलावा, उन्होंने असम सरकार द्वारा मदरसा शिक्षा बोर्ड को स्कूल सेवा आयोग में मिलाने के फैसले का भी कड़ा समर्थन करते हुए इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत समावेशी शिक्षा की दिशा में एक जरूरी कदम बताया।


