झारखंड में डाक विभाग का बड़ा पुनर्गठन, 1 नवंबर से अस्तित्व में आएगा धनबाद रीजन
धनबाद बनेगा डाक विभाग का नया क्षेत्रीय मुख्यालय, बोकारो, रामगढ़, चाईबासा और खूंटी में भी खुलेंगे नए प्रमंडल
रांची/धनबाद। झारखंड में डाक सेवाओं के संचालन और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए डाक विभाग ने बड़े बदलाव की तैयारी पूरी कर ली है। आगामी 1 नवंबर 2026 से राज्य में नया धनबाद डाक रीजन काम करना शुरू करेगा। इसके साथ ही चार नए डाक प्रमंडलों और तीन उप डाक प्रमंडलों के गठन का रास्ता भी साफ हो गया है। इस फैसले से राज्य के कई जिलों में डाक विभाग के प्रशासनिक कामकाज को नई गति मिलने की उम्मीद है।
केंद्रीय संचार मंत्रालय के अधीन डाक विभाग ने 12 अक्टूबर को इस संबंध में आदेश जारी किया है। पुनर्गठन का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक कामकाज को सुचारु बनाना, डाक सेवाओं के कारोबार का विस्तार करना और राजस्व में बढ़ोतरी करना है।
धनबाद में होगा नए रीजन का मुख्यालय
अब तक झारखंड डाक सर्किल के अंतर्गत केवल रांची रीजन कार्यरत था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद राज्य में दो रीजन हो जाएंगे। धनबाद में बनने वाले नए रीजन का मुख्यालय भी यहीं स्थापित होगा। इससे धनबाद सहित आसपास के क्षेत्रों में डाक विभाग के प्रशासनिक संचालन के लिए एक नया केंद्र तैयार होगा।
नए धनबाद रीजन में देवघर, धनबाद, गिरिडीह, हजारीबाग और संताल परगना के मौजूदा डाक प्रमंडलों के साथ नवगठित बोकारो और रामगढ़ प्रमंडल शामिल किए जाएंगे। इस प्रकार धनबाद रीजन के अंतर्गत कुल सात डाक प्रमंडल काम करेंगे।
चार जिलों में नए डाक प्रमंडल
डाक विभाग ने बोकारो, रामगढ़, चाईबासा और खूंटी में नए डाक प्रमंडल बनाने की मंजूरी दी है। इनका गठन मौजूदा प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन और विभाजन के आधार पर किया जाएगा।
बोकारो डाक प्रमंडल का मुख्यालय बोकारो में तथा रामगढ़ प्रमंडल का मुख्यालय रामगढ़ कैंट प्रधान डाकघर में होगा। वहीं, मौजूदा सिंहभूम प्रमंडल को विभाजित कर चाईबासा डाक प्रमंडल बनाया जाएगा। खूंटी में नए प्रमंडल का मुख्यालय खूंटी एमडीजी में स्थापित किया जाएगा। इसके लिए रांची डाक प्रमंडल का पुनर्गठन किया जाएगा।
दूसरी ओर, रांची रीजन के तहत गुमला, पलामू और रांची के मौजूदा प्रमंडलों के साथ सिंहभूम, चाईबासा और खूंटी की संबंधित प्रशासनिक इकाइयां रहेंगी।
तीन स्थानों पर बनेंगे उप डाक प्रमंडल
नए रीजन और प्रमंडलों के अलावा विभाग ने तीन उप डाक प्रमंडलों के गठन को भी स्वीकृति दी है। इनमें चतरा क्षेत्र से संबंधित इटखोरी, पाकुड़ एवं आसपास के निर्धारित क्षेत्रों से संबंधित अमड़ापाड़ा और लातेहार-पलामू क्षेत्र से संबंधित छिपादोहर शामिल हैं।
इटखोरी उप डाक प्रमंडल के लिए हजारीबाग प्रमंडल के बरही और चतरा क्षेत्रों का पुनर्गठन किया जाएगा। अमड़ापाड़ा उप डाक प्रमंडल के गठन के लिए पाकुड़, दुमका सेंट्रल और साहिबगंज क्षेत्रों का पुनर्गठन होगा। वहीं, छिपादोहर उप डाक प्रमंडल पलामू प्रमंडल के लातेहार, सेंट्रल और पलामू ईस्ट क्षेत्रों के पुनर्गठन से तैयार किया जाएगा।
अतिरिक्त बजट के बिना लागू होगी व्यवस्था
डाक विभाग के आदेश के अनुसार, नए प्रशासनिक कार्यालयों के संचालन के लिए अलग से अतिरिक्त बजट उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। आवश्यक उपकरणों और अन्य व्यवस्थाओं पर होने वाला खर्च मौजूदा स्वीकृत बजट से ही पूरा किया जाएगा।
कर्मचारियों की तैनाती में उनकी सहमति और अनुरोध को ध्यान में रखने का निर्देश भी दिया गया है। नई व्यवस्था लागू होने के एक वर्ष बाद संबंधित कार्यालयों के कार्यभार, कामकाज और राजस्व की समीक्षा की जाएगी।
जिलों में डाक सेवाओं के संचालन पर रहेगी नजर
धनबाद में नया रीजन बनने और विभिन्न जिलों में नए प्रमंडलों के गठन से डाक विभाग की प्रशासनिक जिम्मेदारियों का नए सिरे से बंटवारा होगा। हालांकि, इस पुनर्गठन का वास्तविक असर सेवाओं की गति, कार्यालयों के कामकाज और राजस्व पर कितना पड़ेगा, इसका आकलन नई व्यवस्था लागू होने के बाद ही किया जा सकेगा।
फिलहाल, 1 नवंबर 2026 की तारीख झारखंड के डाक विभाग के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसी दिन से राज्य में नई क्षेत्रीय और प्रमंडलीय व्यवस्था लागू होनी निर्धारित है।


