क्या है पूरा मामला?
रेहान वाड्रा एक विजुअल आर्टिस्ट और फोटोग्राफर हैं। उनकी सोलो एग्जीबिशन “No Idea is Final” बीकानेर हाउस के सेंटर फॉर कंटेम्पररी आर्ट (CCA) में चल रही है। यह प्रदर्शनी 22 से 25 अक्टूबर तक खुली रहेगी। इसमें तीन साल के उनके काम शामिल थे- वन्यजीव फोटोग्राफी, अमूर्त कला और सड़क पर युवा आंदोलनों की तस्वीरें।
शुरुआत में 100 से ज्यादा तस्वीरें लगाने का प्लान था। लेकिन बुधवार (21 अक्टूबर) दोपहर करीब 3:30 बजे बीकानेर हाउस प्रशासन ने रेहान को बताया कि 70-75 तस्वीरें शाम 5 बजे तक हटा दी जाएं, वरना पूरी प्रदर्शनी रद्द कर दी जाएगी। रेहान का कहना है कि उन्होंने 15 अक्टूबर को ही लेआउट और डिटेल्ड प्रपोजल प्रशासन को भेज दिया था, जिसकी रसीद भी मिली थी। बावजूद इसके अंतिम समय में आपत्ति जताई गई।
रेहान वाड्रा ने क्या कहा?
रेहान ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर और मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि हटाई गई ज्यादातर तस्वीरें दिल्ली में हालिया युवा विरोध प्रदर्शनों की थीं। उन्होंने कहा-
“बीकानेर हाउस प्रबंधन ने मुझे अपनी ज्यादातर कलाकृतियां हटाने के लिए मजबूर किया। ये तस्वीरें दिल्ली के युवा प्रदर्शनों की थीं। जाहिरा तौर पर कंटेंट ‘आपत्तिजनक’ है। उन्होंने तिरंगे की दो तस्वीरें भी हटाने को कहा। मैंने मना कर दिया। मैं तिरंगे की तस्वीर नहीं हटाऊंगा।”
रेहान ने आगे कहा कि ये तस्वीरें किसी राजनीतिक संदेश के साथ नहीं थीं। ये सिर्फ पिछले छह महीनों में हुए प्रदर्शनों का डॉक्यूमेंटेशन थीं। उन्होंने पूछा- “मैं नहीं जानता कि वे किस बात से डर रहे हैं। कलाकारों के काम को सेंसर किया जा रहा है।”
उनके मुताबिक, दो बड़े कमरों की दीवारें अब खाली पड़ी हैं। जहां तस्वीरें लगी थीं, वहां सिर्फ कीलें बची हैं। प्रदर्शनी में अब करीब 40 तस्वीरें ही बची हैं।
प्रियंका गांधी का बयान
इस घटना पर प्रियंका गांधी वाड्रा ने तीखा रिएक्शन दिया। उन्होंने कहा-
“ये बेतुका है। युवाओं की आवाज को पूरे देश में दबाया जा रहा है। तो यह उम्मीद भी की जा सकती है कि वे किसी के साथ भी ऐसा करेंगे। उनके फोटोग्राफ्स में कोई कमेंट्री नहीं थी, किसी के खिलाफ कोई अपमानजनक बात नहीं थी। सिर्फ प्रदर्शनों का विजुअल डॉक्यूमेंटेशन था। साफ है कि अब लोकतंत्र नहीं रहा। आज वे हैं, कल कोई और कलाकार होगा।”
प्रियंका ने बेटे का समर्थन करते हुए कहा कि यह युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश है।
तिरंगे वाली तस्वीरों का मुद्दा
सबसे ज्यादा चर्चा तिरंगे वाली तस्वीरों को लेकर हुई। रेहान ने दावा किया कि प्रशासन ने दो तस्वीरें हटाने को कहा जिनमें तिरंगा था। उन्होंने साफ मना कर दिया। बाद में जब वे परिसर से बाहर गए तो एक तस्वीर प्रशासन ने खुद हटा दी। रेहान ने कहा कि वे तिरंगे की तस्वीर नहीं हटाएंगे।
प्रशासन का पक्ष
बीकानेर हाउस प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। रेहान के अनुसार, उन्हें बुकिंग पॉलिसी का हवाला दिया गया और कहा गया कि “इस समय ऐसी तस्वीरें दिखाने का सही मौका नहीं है।”
आगे क्या?
प्रदर्शनी निर्धारित समय पर चल रही है और रविवार तक खुली रहेगी। लेकिन खाली दीवारें और हटाई गई तस्वीरों का मुद्दा राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। विपक्ष इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बता रहा है, जबकि प्रशासन की तरफ से अभी कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया है।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि कला और राजनीति का रिश्ता कितना संवेदनशील हो सकता है। जब एक युवा कलाकार के प्रदर्शन डॉक्यूमेंटेशन को भी ‘आपत्तिजनक’ करार दिया जाए, तो सवाल स्वाभाविक रूप से उठते हैं।
इस मामले की विस्तृत रिपोर्टिंग के लिए NDTV की रिपोर्ट पढ़ें।
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