By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Akhand Rashtra NewsAkhand Rashtra NewsAkhand Rashtra News
  • होम
  • राज्य
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • मध्य प्रदेश
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • अपराध
  • साहित्य
  • धर्म
  • एक्सक्लूसिव
  • सम्पादकीय
  • ई पेपर
Reading: EC का आदेश: 5 राज्यों में अफसरों के तबादले तय
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Akhand Rashtra NewsAkhand Rashtra News
Font ResizerAa
  • होम
  • राज्य
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • मध्य प्रदेश
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • अपराध
  • साहित्य
  • धर्म
  • एक्सक्लूसिव
  • सम्पादकीय
  • ई पेपर
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2008 - 2026 Akhand Rashtra News All Rights Reserved. Proudly Made By Akshant Media Solution
Akhand Rashtra News > ताज़ा ख़बरें > EC का आदेश: 5 राज्यों में अफसरों के तबादले तय
ताज़ा ख़बरेंराजनीति

EC का आदेश: 5 राज्यों में अफसरों के तबादले तय

Digital Desk - Lucknow
Last updated: October 27, 2026 3:40 pm
Digital Desk - Lucknow
2 hours ago
Share
EC का आदेश
SHARE

अपनी भाषा चुने।

EC का आदेश जारी होते ही उत्तर प्रदेश समेत आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटे 5 राज्यों के प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराने के उद्देश्य से राज्य सरकारों को कड़े निर्देश भेजे हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि कोई भी वरिष्ठ या मैदानी अधिकारी अपने गृह जिले में पदस्थापित नहीं रहेगा।

Contents
EC का आदेश: गृह जिले और तीन साल के कार्यकाल पर रोकप्रशासनिक और पुलिस मशीनरी पर होगा सीधा असरराजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया और निष्पक्ष चुनाव की मांगअधिकारियों की निष्पक्षता सुनिश्चित करने का प्रयास

निर्वाचन आयोग द्वारा जारी आधिकारिक पत्र में कहा गया है कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए ऐसे सभी अधिकारियों का तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण सुनिश्चित किया जाए, जो सीधे चुनाव प्रक्रिया से जुड़े हैं। इस फैसले से जिलाधिकारियों, पुलिस कप्तानों, उप जिलाधिकारियों और थाना प्रभारियों के व्यापक तबादले होना तय माना जा रहा है।

EC का आदेश: गृह जिले और तीन साल के कार्यकाल पर रोक

इस ताजा अधिसूचना में आदेश मुख्य रूप से दो बड़े नियमों पर केंद्रित है। पहला नियम यह है कि कोई भी अधिकारी अपने गृह जनपद (Home District) में तैनात रहकर चुनावी दायित्वों का निर्वहन नहीं करेगा। दूसरा नियम तीन वर्ष के कार्यकाल से संबंधित है, जिसके तहत यदि किसी अधिकारी ने पिछले चार वर्षों में संबंधित जिले में तीन वर्ष पूरे कर लिए हैं, तो उसे तत्काल उस जिले से हटाना होगा।

आयोग ने राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों को निर्देशित किया है कि इन नियमों का अक्षरशः पालन किया जाए। यदि किसी अधिकारी के खिलाफ पूर्व में पक्षपात या अनियमितता की शिकायत प्रमाणित पाई गई है, तो उसे किसी भी परिस्थिति में चुनाव संबंधी कार्यभार नहीं सौंपा जाएगा।

- Advertisement -
anaya's kitchenanaya's kitchen

प्रशासनिक और पुलिस मशीनरी पर होगा सीधा असर

आयोग के इस कदम का सीधा प्रभाव कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाले अमले पर पड़ेगा। जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO), उप-जिला निर्वाचन अधिकारी, रिटर्निंग ऑफिसर (RO), सहायक रिटर्निंग ऑफिसर (ARO) के अलावा पुलिस विभाग के आईजी, डीआईजी, एसएसपी, एसपी, डीएसपी और इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों को इन नियमों के दायरे में लाया गया है।

चुनाव मशीनरी को दुरुस्त रखने के लिए आयोग ने यह भी साफ किया है कि उप-चुनाव वाले क्षेत्रों में भी यह नियम लागू रहेगा। राज्यों को एक निश्चित समय सीमा के भीतर अनुपालन रिपोर्ट (Compliance Report) आयोग के समक्ष प्रस्तुत करने का सख्त निर्देश दिया गया है।

राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया और निष्पक्ष चुनाव की मांग

निर्वाचन आयोग की इस सख्ती का राजनीतिक हलकों में स्वागत किया जा रहा है। BJP, Samajwadi Party और Congress सहित प्रमुख राजनीतिक दलों ने चुनाव प्रक्रिया में पूर्ण शुचिता बनाए रखने पर जोर दिया है। विपक्षी दलों का आरोप रहा है कि सत्ताधारी दल अपने पसंदीदा अफसरों को गृह जनपदों और महत्वपूर्ण सीटों पर बनाए रखते हैं, जिससे चुनावी परिणाम प्रभावित हो सकते हैं।

Samajwadi Party और Congress ने मांग की है कि आयोग केवल आदेश जारी न करे, बल्कि जमीनी स्तर पर तबादलों की स्वतंत्र निगरानी भी करे ताकि किसी भी दल को अनुचित लाभ न मिल सके। वहीं, BJP ने कहा है कि वह पारदर्शी लोकतंत्र के पक्ष में है और चुनाव आयोग के हर दिशा-निर्देश का स्वागत करती है।

अधिकारियों की निष्पक्षता सुनिश्चित करने का प्रयास

भारतीय निर्वाचन आयोग का मानना है कि लंबे समय तक एक ही स्थान पर पदस्थापित रहने से स्थानीय प्रभाव और राजनीतिक निकटता विकसित हो जाती है। ऐसे में गृह क्षेत्र में अफसरों की मौजूदगी निष्पक्ष निर्णय लेने में बाधा उत्पन्न कर सकती है। इसी अंदेशे को समाप्त करने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है।

यह भी पढ़ें: यूपी MLC चुनाव: 2027 का सेमीफाइनल शुरू, बीजेपी-सपा में सीधी टक्कर

अंततः, आदेश लागू होने के बाद अब संबंधित 5 राज्यों की राज्य सरकारें युद्धस्तर पर ट्रांसफर लिस्ट तैयार करने में जुट गई हैं। आने वाले कुछ ही दिनों में बड़े पैमाने पर आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS) अधिकारियों के तबादला आदेश जारी होने की पूरी संभावना है।

You Might Also Like

जौनपुर का सरपतहां पुलिस थाना जनपद की शान, 123 साल पुरानी इमारत बनी वीरानगी में पहचान
CEC ज्ञानेश कुमार की मुश्किलें बढ़ीं: सुप्रीम कोर्ट ने मंजूर की सभी याचिकाएं, 27 अक्टूबर को होगी सुनवाई
अयोध्या दौरे पर भी राम मंदिर क्यों नहीं जा रहे अखिलेश?
Delhi Terror Plot: दिल्ली दहलाने की साजिश नाकाम! महाराष्ट्र ATS और स्पेशल सेल का बड़ा एक्शन, मुंबई से 2 संदिग्ध गिरफ्तार; ‘टॉय कार’ से धमाके का था प्लान
सीतापुर रेलवे क्रॉसिंग हादसे के बाद भी प्रशासन बेपरवाह
Share This Article
Facebook Email Print
Previous Article MLC मतगणना में आगरा, मेरठ और गोरखपुर में हंगामे से संबंधित समाचार ग्राफिक यूपी MLC मतगणना में हंगामा, तीन शहरों में टकराव की घटनाएं
Next Article Lucknow Triple Murder Lucknow Triple Murder केस पर गरमाई राजनीति: ‘समय रहते जागती पुलिस तो न जातीं तीन जानें’
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • UP MLC चुनाव में अखिलेश का बड़ा दावा, शेयर किया 11 सेकेंड का वीडियो
  • Lucknow Triple Murder केस पर गरमाई राजनीति: ‘समय रहते जागती पुलिस तो न जातीं तीन जानें’
  • EC का आदेश: 5 राज्यों में अफसरों के तबादले तय
  • यूपी MLC मतगणना में हंगामा, तीन शहरों में टकराव की घटनाएं
  • अखिलेश यादव ने पांच गरीब परिवारों को सौंपी ‘पीडीए घर’ की चाबी

Recent Comments

  1. Sushil kumar Shukla on भारतीय जनभाषा प्रचार समिति द्वारा विचार गोष्ठी एवं परिचर्चा संपन्न 
about us

Akhand Rashtra एक राष्ट्रीय दैनिक अख़बार है, जो 20 वर्षों से निष्पक्ष, सटीक और जिम्मेदार पत्रकारिता करते हुए प्रिंट व डिजिटल माध्यमों पर सक्रिय है।

Important Category

  • उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • गुजरात
  • पश्चिम बंगाल
  • बिहार
  • महाराष्ट्र

Important Links

  • देश
  • विदेश
  • एक्सक्लूसिव
  • अपराध
  • राजनीति
  • साहित्य

Quick Link

  • About Us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions – Akhand Rashtra
  • Disclaimer
  • GDPR
  • Contact
© 2008 - 2026 Akhand Rashtra News All Rights Reserved. Proudly Made By Akshant Media Solution
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?

Not a member? Sign Up