नई दिल्ली: चुनाव आयोग (ECI) और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली को लेकर विपक्ष द्वारा छेड़ी गई कानूनी और राजनीतिक जंग अब सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे तक पहुंच गई है। सर्वोच्च न्यायालय ने CEC के खिलाफ दाखिल तमाम याचिकाओं को मंजूर करते हुए उन्हें एक साथ क्लब कर दिया है और इस मामले पर सुनवाई की अगली तारीख 27 अक्टूबर तय की है।
फॉर्म-6 को लेकर अदालत का स्पष्टीकरण
अदालत की कार्यवाही के दौरान यह भी साफ किया गया कि फॉर्म-6 से जुड़ा कोई फैसला नहीं दिया गया है और बिहार में फॉर्म-6 को लेकर कोई मुद्दा या मंजूरी शामिल नहीं थी। इसके साथ ही, चुनाव प्रक्रिया में कथित धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तरफ से भी सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दाखिल कर दी गई है, जिसे डायरी नंबर मिल चुका है। राहुल गांधी की कानूनी टीम लगातार इस बात पर जोर दे रही थी कि ईसीआई की कार्यप्रणाली के खिलाफ व्यक्तिगत और सामूहिक याचिकाएं प्राथमिकता से सुनी जाएं।
‘इंडिया’ गठबंधन का शक्ति प्रदर्शन और मार्च
याद रहे कि इससे पहले राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य न्यायाधीश से मिलने का समय मांगा था, जिसे सीजेआई ने यह कहते हुए टाल दिया था कि नेताओं को मुलाकात की बजाय कानूनी याचिका का रास्ता अपनाना चाहिए। इस दौरान अदालत ने मामले की जल्द सुनवाई का भरोसा भी दिया था।
VIDEO | Delhi: Lok Sabha LoP Rahul Gandhi’s legal team reaches Supreme Court filing counter to file the petition.
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/d8jp61yd2p) https://t.co/NdFFxFhPjn
— Press Trust of India (@PTI_News) October 12, 2026
यह भी पढ़ें: CJP का 24 घंटे का अल्टीमेटम, राहुल गांधी के ‘चलो दिल्ली’ मार्च के चलते सुरक्षा बढ़ाई
इसी कड़ी में आज ‘इंडिया’ गठबंधन के बड़े नेता और सांसद एक बार फिर सड़कों पर उतरे और सुप्रीम कोर्ट की तरफ मार्च निकाला। दिल्ली में सुरक्षा के कड़े पहरे के बीच विपक्ष का यह प्रदर्शन चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर और अधिक तेज हो गया है। अब पूरे देश की निगाहें 27 अक्टूबर को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की इस अहम सुनवाई पर टिकी हैं।


