आज यूपी MLC मतगणना के दौरान प्रदेश के तीन शहरों में हंगामा और टकराव की घटनाएं सामने आईं। आगरा, मेरठ और गोरखपुर के मतगणना केंद्रों पर अलग-अलग विवाद हुए। सुबह 8 बजे से शुरू हुई गिनती के बीच ये घटनाएं चर्चा का विषय बन गईं।
यूपी MLC मतगणना 11 सीटों के लिए चल रही है। इनमें 5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, झांसी, बरेली और गोरखपुर में मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी, फिर भी कुछ जगहों पर विवाद हो गया।
आगरा में सपा कार्यकर्ताओं को बाहर किया गया
यूपी MLC मतगणना के दौरान आगरा में सबसे पहले हंगामे की खबर आई। मतगणना केंद्र पर सपा के कार्यकर्ताओं और अधिकारियों के बीच बहस शुरू हुई। आरोप लगा कि कार्यकर्ताओं को केंद्र से बाहर किया जा रहा है। इस दौरान हंगामा हुआ और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
अधिकारियों ने स्थिति संभालने की कोशिश की। कुछ देर बाद व्यवस्था बहाल की गई और गिनती दोबारा सुचारू रूप से शुरू हुई। इस घटना ने स्थानीय स्तर पर चर्चा बढ़ा दी।
मेरठ में निर्दलीय प्रत्याशी का पुलिस से टकराव
मेरठ में यूपी MLC मतगणना के दौरान एक और घटना हुई। निर्दलीय प्रत्याशी विक्रांत वशिष्ठ पुलिस से भिड़ गए। उन्होंने पुलिस पर सवाल उठाए और अपनी नाराजगी जताई।
इस दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस हुई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। विक्रांत वशिष्ठ के इस टकराव की वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी चर्चा में रहीं। मतगणना केंद्र के बाहर का माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण रहा।
गोरखपुर में बैलट बॉक्स को लेकर विवाद
गोरखपुर में भी यूपी MLC मतगणना के दौरान हल्के हंगामे की खबरें आईं। एक बैलट बॉक्स की सील को लेकर चर्चा शुरू हुई। कुछ लोगों ने सवाल उठाए कि सील टूटी हुई कैसे मिली।
इस मुद्दे पर मतगणना केंद्र पर बहस हुई। अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित किया और प्रक्रिया आगे बढ़ाई। हालांकि इस घटना ने स्थानीय स्तर पर शक और चर्चा को जन्म दिया।
तीनों घटनाओं का सियासी असर
यूपी MLC मतगणना के दौरान हुई ये तीनों घटनाएं अलग-अलग शहरों में हुईं, लेकिन एक ही दिन और एक ही प्रक्रिया से जुड़ी होने के कारण चर्चा का केंद्र बनीं। विपक्षी दल इन घटनाओं को व्यवस्था की खामी बता रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि स्थिति को समय रहते नियंत्रित कर लिया गया।
आगरा में सपा कार्यकर्ताओं को बाहर करने की घटना ने पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी पैदा की। मेरठ में निर्दलीय प्रत्याशी का पुलिस से टकराव व्यक्तिगत और प्रशासनिक विवाद दोनों का रूप लेता दिखा। गोरखपुर में बैलट बॉक्स की सील को लेकर उठा सवाल पारदर्शिता से जुड़ा मुद्दा बन गया।
सुरक्षा और प्रक्रिया
यूपी MLC मतगणना के लिए सातों केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल तैनात था और पार्टियों के एजेंट भी मौजूद थे। इसके बावजूद तीन जगहों पर विवाद हो जाना सवाल खड़ा करता है।
अधिकारियों का दावा है कि सभी जगह स्थिति को जल्द नियंत्रित कर लिया गया और गिनती बिना बड़े व्यवधान के आगे बढ़ी। नतीजे शाम तक आने की उम्मीद है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इन घटनाओं के बाद दोनों प्रमुख दलों में चर्चा शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी आगरा वाली घटना को लेकर नाराजगी जता रही है। दूसरी ओर भाजपा प्रशासन की कार्रवाई को सही बता रही है। मेरठ और गोरखपुर की घटनाओं पर भी स्थानीय स्तर पर बयानबाजी हो रही है।
यूपी MLC मतगणना को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले का सेमीफाइनल माना जा रहा है। ऐसे में मतगणना केंद्रों पर हुई ये घटनाएं सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक चर्चा का विषय भी बन गई हैं।
तीनों शहरों में अलग-अलग स्वरूप के विवाद हुए। कहीं कार्यकर्ताओं को बाहर किया गया, कहीं प्रत्याशी पुलिस से भिड़े और कहीं बैलट बॉक्स की सील को लेकर सवाल उठे। ये घटनाएं यूपी MLC मतगणना की प्रक्रिया के दौरान सामने आईं और पूरे दिन चर्चा में रहीं।
देश की राजनीति, चुनाव और जनहित से जुड़े मुद्दों पर भरोसेमंद खबरें और विस्तृत रिपोर्ट Akhandrashtra.com पर पढ़ सकते हैं। ऐसी ही खबरों के लिए हमारी वेबसाइट पर विज़िट करें।
भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट


