लखनऊ: UP MLC की 11 सीटों पर जारी मतगणना के बीच आगरा शिक्षक खंड सीट को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है कि आगरा में सपा प्रत्याशी के आगे निकलते ही प्रशासन ने मतगणना रोक दी है। अखिलेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर 11 सेकेंड का एक वीडियो शेयर करते हुए चुनाव आयोग से तुरंत दखल देने और निष्पक्ष मतगणना सुनिश्चित करने की मांग की है।
“सपा प्रत्याशी आगे चल रहे, प्रशासन ने रोकी गिनती”—अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में भारत निर्वाचन आयोग (ECI) और यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को टैग करते हुए लिखा, “आगरा खंड शिक्षक एमएलसी चुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी आगे चल रहे हैं, अब प्रशासन द्वारा काउंटिंग रोके जाने की सूचना है। संज्ञान ले चुनाव आयोग, निष्पक्ष मतगणना सुनिश्चित हो।” अखिलेश द्वारा शेयर किए गए 11 सेकेंड के वीडियो में एक महिला को कहते सुना जा सकता है कि सपा के पक्ष में एकतरफा वोट पड़ा है।
भाजपा, चुनाव आयोग और प्रशासन के त्रिगुट ने चुनावी घपले का त्रिस्तरीय पाठ्यक्रम बना रखा है:
– चुनाव पूर्व वोटर लिस्ट का घपला
– चुनाव के दौरान अपने लोगों से फ़र्ज़ी मतदान करवाना व विपक्ष को हर दमख़म तथा वोटर लिस्ट में नाम आदि के मिलान न होने के नाम पर वोट डालने से रोकना
– चुनाव की गणना और परिणाम का घपला
भाजपा ‘चुनावी गिरोह’ है।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) October 27, 2026
सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल के गंभीर आरोप
आगरा शिक्षक सीट से सपा प्रत्याशी आकाश अग्रवाल ने भी प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मतगणना स्थल पर अचानक गिनती रोक दी गई और काफी देर तक काम ठप रहा। आकाश अग्रवाल ने कहा, “शिकायत करने के बावजूद मतगणना दोबारा शुरू नहीं की गई। मतदान के बाद अब काउंटिंग में भी धांधली की कोशिश की जा रही है।” इसके अलावा, सपा ने आगरा खंड स्नातक निर्वाचन सीट पर पार्टी प्रत्याशी शशांक यादव को मतगणना केंद्र के भीतर प्रवेश न दिए जाने की भी शिकायत चुनाव आयोग से की है।
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लखनऊ से आया पहला रुझान: बीजेपी के उमेश द्विवेदी आगे
दूसरी तरफ, लखनऊ खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से मतगणना का पहला शुरुआती रुझान सामने आ गया है। लखनऊ में पहले राउंड की गिनती के बाद बीजेपी प्रत्याशी उमेश द्विवेदी अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सपा के सुशील कुमार से करीब 30 वोटों से आगे चल रहे हैं। लखनऊ में शिक्षक सीट के लिए पड़े लगभग 27 हजार वोटों के बंडल बनाने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि स्नातक सीट के वोटों की बंडलिंग का काम जारी है।


