कांग्रेस के संगठन महासचिव KC Venugopal ने ‘इंडिया’ गठबंधन की 1 नवंबर को होने वाली महारैली को लेकर बड़ा दावा किया है। मीडिया से बातचीत में वेणुगोपाल ने कहा कि केंद्र सरकार और प्रशासन चाहे जितनी अड़चनें पैदा कर लें, लेकिन यह आयोजन दिल्ली के इतिहास में देखी गई अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक रैलियों में से एक साबित होगा। उन्होंने बताया कि इस महारैली में हिस्सा लेने के लिए देश के कोने-कोने से लाखों कार्यकर्ता और आम नागरिक राजधानी पहुंच रहे हैं।
“100 से ज्यादा सांसदों के हस्ताक्षर के बाद भी नोटिस क्यों खारिज हुआ?”
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया बयानों पर पलटवार करते हुए केसी वेणुगोपाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष द्वारा दिए गए महाभियोग नोटिस को खारिज किए जाने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब संसद के 100 से अधिक सदस्यों (MPs) ने हस्ताक्षर करके सभापति या अध्यक्ष को नियमानुसार नोटिस सौंपा था, तो उसे विचार के लिए स्वीकार किया जाना अनिवार्य था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करने से भाग रही है और इस नोटिस को स्वीकार तक नहीं होने दिया गया।
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राहुल गांधी का पैदल मार्च का आह्वान
इससे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देशवासियों और विपक्षी समर्थकों से रामलीला मैदान पहुंचने से पहले एक विशाल पैदल मार्च में शामिल होने की अपील की। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर रूट की जानकारी साझा करते हुए लिखा, “मिलते हैं, चलिए साथ मिलकर चलते हैं।” तय कार्यक्रम के अनुसार, यह पैदल मार्च मिंटो रोड जंक्शन (कनॉट प्लेस के पास) से शुरू होकर अजमेरी गेट होते हुए रामलीला मैदान पहुंचेगा।


