HomeBreaking_Newsविश्व योग दिवस पर अमृता फडणवीस ने बच्चों संग किया योग

विश्व योग दिवस पर अमृता फडणवीस ने बच्चों संग किया योग

मुंबई। विश्व योग दिवस के अवसर पर फ्लोरा फाउंडेशन के ट्रस्टी तथा मुंबई महानगरपालिका के पूर्व उपमहापौर बाबूभाई भवानजी और फ्लोरा फाउंडेशन के अध्यक्ष अरुण सबनीस दिव्याज फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। इस कार्यक्रम को अमृता देवेंद्र फडणवीस ने आयोजित किया।गौरतलब हो कि मुंबई के फ्लोरा फाउंडेशन द्वारा 728 स्ट्रीट चिल्ड्रन के साथ योग दिन वरली स्थित नेशनल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 21 जून 2024 संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में मशहूर अभिनेता जैकी श्रॉफ, तारक मेहता का उल्टा चश्मा फेम शैलेश मेहता जैसे गणमान्य लोग शामिल हुए। वहीं दूसरी ओर मुंबई के पूर्व उपमहापौर और फाउंडेशन के ट्रस्टी बाबूभाई भवानजी ने दादर के फाईव गार्डन स्थित पालमकोट हाॅल मे भी योगाचार्य स्वामी भारत भूषणजी के सानिध्य में बांसुरी की धुन पर योग का आयोजन किया, जो इतियास मे पहली बार था और इस योग कार्यक्रम ने लोगों को मंत्रमुग्ध किया। सुबह 7 बजे केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने स्वामी विवेकानंद जी की तस्वीर पर पुष्प-हार अर्पित करने के साथ ही दीप प्रज्ज्वलित कर योग कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने अपनी शेरो शायरी भरे अंदाज में योग के महत्व के प्रति मार्गदर्शन किया। उन्होने योग के खास महत्व बताते हुए कहा कि “रहो निरोग करो योग”, “हम फिट तो भारत फिट ” जीवन को सक्षम बनाने के लिए छोटे बड़े सभी को हर रोज योग करने का अनुरोध भी आठवले ने किया। उन्होंने आगे कहा कि शारीरिक योग हमारे शरीर को और आंतरिक योग हमारी आत्मा को स्वस्थता प्रदान करता है, इसलिए तन और मन की शुद्धता और स्वस्थता ही योग कहलाता है। मैं प्रतिदिन योग करता हूं, आप भी योगा करें। मोदी जी भी हर रोज योगा करते हैं, इसलिए वो फिट हैं और मैं उनका संदेस लेकर आपके बीच आया हूं। योगाचार्य स्वामी भारत भूषण जी ने बताया कि योगः कर्मसु कौशलम् अर्थात् कुशलता-पूर्वक किया जाने वाला कर्म ही योग है। जो श्रेष्ठ कर्म श्रेष्ठ विधि से करते हुए जीवन के श्रेष्ठत्व की प्राप्ति कराते हुए प्रभु से संयोग का कारण बनते हैं, वही तो योग है। जिसमें हमारी बुद्धि के साथ-साथ हमारे संपूर्ण शरीर का विकास हो, नैतिकता का विकास हो, हमारी आत्मा का विकास हो और संपूर्ण जीवन का विकास हो, यही कार्य की कुशलता कहलाती है। श्रेष्ठ कर्मों द्वारा इस जीवन को आनंदमय बनाते हुए नर का नारायण में परिणित हो जाना अथवा जीव का शिव से जुड़ जाना ही वास्तविक अर्थों में योग कहलाता है। बाबूभाई भवानजी ने इस अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की सभी अनंत शुभकामनाएं एवं बधाई दी।

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