नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर भारत और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा की स्थिति में आए बदलाव का जिक्र किया। साथ ही उन्होंने देश को नशे की समस्या से मुक्त करने के लिए 31 दिसंबर 2029 तक का लक्ष्य हासिल करने की अपील की।
पुलिसकर्मियों के बलिदान को किया याद
राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में अमित शाह ने देश की सुरक्षा के लिए जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के बलिदान और सुरक्षा बलों के प्रयासों ने देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
गृह मंत्री ने पुलिस बलों से देश को नशे की समस्या से मुक्त बनाने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने नशे को युवाओं के भविष्य, देश की अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बताया।
कश्मीर में सुरक्षा की स्थिति पर क्या बोले शाह?
अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और अलगाववाद से निपटने के लिए केंद्र सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का उल्लेख किया। केंद्र सरकार का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा के मोर्चे पर महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
नॉर्थ-ईस्ट में शांति और समझौतों पर जोर
पूर्वोत्तर भारत में लंबे समय से विभिन्न उग्रवादी संगठनों की गतिविधियां आंतरिक सुरक्षा की चुनौती रही हैं। केंद्र सरकार ने इस क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए सुरक्षा अभियान, बातचीत और समझौतों का सहारा लिया है।
अमित शाह पहले भी पूर्वोत्तर में उग्रवाद में कमी और बड़ी संख्या में युवाओं के हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का उल्लेख कर चुके हैं। सरकार का दावा है कि इन प्रयासों से क्षेत्र में शांति और विकास को आगे बढ़ाने में मदद मिली है।
नक्सलवाद पर सरकार का क्या है रुख?
नक्सलवाद के खिलाफ अभियान केंद्र सरकार की आंतरिक सुरक्षा नीति का प्रमुख हिस्सा रहा है। अमित शाह ने पहले 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य घोषित किया था। मार्च 2026 में संसद में भी उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान की उपलब्धियों का उल्लेख किया था।
सरकार का कहना है कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई, विकास योजनाओं और राज्यों के साथ समन्वय से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हालात बदले हैं। हालांकि, नक्सलवाद के पूरी तरह समाप्त होने का आकलन जमीनी स्थिति और शेष सक्रिय समूहों के आधार पर किया जाना चाहिए।
2029 तक नशामुक्त भारत का लक्ष्य
अमित शाह ने देश में नशे के कारोबार और नशीले पदार्थों के सेवन के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाने पर जोर दिया। केंद्र सरकार ने 31 दिसंबर 2029 तक नशामुक्त भारत के लक्ष्य को पूरा करने की समयसीमा तय की है।
शाह ने पुलिस और संबंधित एजेंसियों से इस दिशा में समन्वित प्रयास करने की अपील की। सरकार का मानना है कि नशे के नेटवर्क पर कार्रवाई और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान महत्वपूर्ण हैं।


