जौनपुर: जनपद के खुटहन थाना क्षेत्र के महमदपुर गुलरा गांव में अध्यात्म और आस्था की एक नई बयार बहने लगी है। गांव में स्थित प्राचीन शिवालय और हनुमान मंदिर के समीप ही नवनिर्मित भव्य मंदिर में सोमवार को मां दुर्गा की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा वैदिक मंत्रोच्चार और पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। इस पावन अवसर पर पूरे क्षेत्र से आए भक्तों के जयकारों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा।
यह भव्य मंदिर स्वर्गीय उमाशंकर पाण्डेय एवं उनकी धर्मपत्नी स्वर्गीय प्रभावती देवी की पावन स्मृति में समस्त ग्रामीणों के सहयोग से तैयार कराया गया है।
गाजे-बाजे के साथ गांव में निकाली गई भव्य रथ यात्रा
मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के मुख्य अनुष्ठान से पूर्व गांव में एक बेहद आकर्षक शोभायात्रा निकाली गई।
-
भव्य नगर भ्रमण: श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की दिव्य प्रतिमा को फूलों और मालाओं से सजे एक भव्य रथ पर विराजमान किया।
-
जयकारों की गूंज: गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों की थाप पर भक्तों ने झूमते हुए पूरी प्रतिमा को गांव का भ्रमण कराया। इस दौरान ग्रामीण महिलाओं और पुरुषों ने जगह-जगह मां दुर्गा की आरती उतारी और सुख-समृद्धि की कामना की।
विद्वान आचार्यों ने कराया धार्मिक अनुष्ठान
शोभायात्रा के बाद मंदिर परिसर में मुख्य पूजा और वैदिक अनुष्ठान की शुरुआत हुई। क्षेत्र के विद्वान आचार्यों—पंडित अवधेश महाराज, नन्हे महाराज, गगन, गुरु प्रसाद, सोनू, रोहित और बच्ची महाराज ने संयुक्त रूप से विधि-विधान से पूजन और मंत्रोच्चार कर मां दुर्गा की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराई।
विद्वानों का संदेश: इस अवसर पर आचार्यों ने कहा कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं होते, बल्कि ये समाज में आस्था, उत्तम संस्कार और आपसी एकता का संदेश देते हैं।
एक ही परिसर में तीन भव्य मंदिर: आस्था का बना त्रिवेणी संगम
महमदपुर गुलरा गांव का यह धार्मिक स्थल अब दूर-दराज के भक्तों के लिए एक बड़ा केंद्र बन चुका है। इस परिसर में यह तीसरा भव्य मंदिर बनकर तैयार हुआ है। इसके ठीक बगल में पहले से ही भगवान भोलेनाथ (शंकर जी) और संकटमोचन हनुमान जी का प्राचीन एवं भव्य मंदिर स्थापित है। अब मां शक्ति के आगमन से यह स्थान धार्मिक त्रिवेणी के रूप में तब्दील हो गया है।
धार्मिक उत्सव में उमड़ा जनसैलाब
इस ऐतिहासिक और मांगलिक अवसर पर गांव के प्रबुद्ध जनों समेत भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से: डॉ. श्रीपाल पांडे, राम अनंद पांडे, अमरनाथ तिवारी, ओमप्रकाश तिवारी, पूर्व प्रधान रमेश चन्द्र पाण्डेय, लल्लन पाण्डेय, अनिल पाण्डेय, इंजीनियर ऋषभ पांडे, डॉ. सुभाष चन्द्र पाण्डेय, पंडित विजय शंकर पाण्डेय, पंडित संजय पाण्डेय, कैलाश नाथ पाण्डेय, संजय सिंह, जगदीश सिंह, वशिष्ठ पाण्डेय, संतोष यादव, सतीश पाण्डेय, प्रेम प्रकाश दूबे, धनंजय पांडे, जगदंबा पांडे, जगदीश पांडे, दयाशंकर पाण्डेय, मृदुल पांडे, राहुल पांडे, प्रवेश पांडे, प्रदीप पांडे, प्रवीण कुमार पांडे, अशोक कुमार पांडे, नित्यानंद पांडे, हरिश्चंद्र पांडे, राजन पांडे, अंकित पांडे, अभिषेक पांडे, विपिन पांडे, नवीन पांडे और रोशन पांडे सहित हजारों की संख्या में माता के भक्त उपस्थित रहे। अनुष्ठान के बाद विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
