लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधान परिषद के MLC चुनाव में समाजवादी पार्टी ने लखनऊ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में बड़ी जीत दर्ज की है। सपा प्रत्याशी कांति सिंह ने भारतीय जनता पार्टी के मौजूदा MLC अवनीश कुमार सिंह को 17,127 मतों के बड़े अंतर से हराकर यह सीट अपने नाम कर ली। इस जीत को आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की राजनीति में सपा के लिए अहम माना जा रहा है।
कांति सिंह को मिले 56,905 वोट
मतगणना के अंतिम चरण के बाद सामने आए नतीजों के अनुसार, कांति सिंह को कुल 56,905 वोट मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी अवनीश कुमार सिंह को 39,778 मत प्राप्त हुए। दोनों प्रत्याशियों के बीच 17,127 मतों का अंतर रहा। इस तरह कांति सिंह ने निर्णायक बढ़त के साथ जीत हासिल की।
5 साल बाद सपा ने वापस हासिल की सीट
लखनऊ खंड स्नातक सीट पर कांति सिंह की जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि वर्ष 2020 के चुनाव में भाजपा के अवनीश कुमार सिंह ने उन्हें हराकर यह सीट हासिल की थी। इससे पहले कांति सिंह वर्ष 2014 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में इस सीट से विधान परिषद पहुंची थीं। अब 2026 के चुनाव में सपा प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज करके उन्होंने एक बार फिर इस सीट पर वापसी की है।
पिछली हार का बदला, कांति सिंह ने इस बार पलटा चुनावी खेल!
2020 के एमएलसी चुनाव में कांति सिंह ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में भाजपा के अवनीश कुमार सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। वहीं, 2026 के एमएलसी चुनाव में कांति सिंह ने सपा के टिकट पर मैदान में उतरकर जीत हासिल की। इस बार उन्होंने अवनीश कुमार सिंह को हराकर चुनावी मुकाबले में बाजी पलट दी।
हालांकि, MLC चुनाव के नतीजों के आधार पर विधानसभा चुनाव का परिणाम तय नहीं किया जा सकता। फिर भी यह जीत सपा के लिए अपनी रणनीति, संगठन और मतदाताओं के बीच समर्थन का आकलन करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
2027 से पहले सियासी संदेश
कांति सिंह की जीत ने लखनऊ की स्नातक सीट पर भाजपा का कब्जा समाप्त कर दिया है। वहीं, इस चुनाव में सपा ने यह दिखाया है कि वह विधान परिषद की महत्वपूर्ण सीटों पर मुकाबला करने में सक्षम है। अब देखना होगा कि समाजवादी पार्टी इस जीत को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में किस तरह इस्तेमाल करती है और भाजपा इस नतीजे के बाद अपनी रणनीति में क्या बदलाव करती है।


