Maharashtra FDA ने दिवाली से ठीक पहले मिलावट और खाद्य सुरक्षा उल्लंघन के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया है। इस अभियान में करीब 9 करोड़ रुपये मूल्य का खाद्य सामान जब्त किया गया है। इसमें पतंजलि के घी का स्टॉक भी शामिल है। ये कार्रवाई राज्य के कई जिलों में हुई और इसमें 19 लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
Maharashtra FDA की विशेष कार्रवाई का विवरण
Maharashtra FDA ने 28 से 31 अक्टूबर 2026 के बीच पूरे राज्य में विशेष अभियान चलाया। इस दौरान सात मंडलों के 114 प्रतिष्ठानों से लगभग 3.53 लाख किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त की गई। इसकी कुल कीमत 9.01 करोड़ रुपये आंकी गई है। अभियान में 13 FIR दर्ज की गईं और 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया। सात प्रतिष्ठानों को सील किया गया तथा छह वाहन भी जब्त किए गए।
इस अभियान में सबसे चर्चा पतंजलि के घी की हुई। छत्रपति संभाजीनगर में पतंजलि आयुर्वेद के सुपर डिस्ट्रीब्यूटर मेसर्स दिव्य महावितरक के यहां से 2,279.7 लीटर पतंजलि गाय का घी जब्त किया गया। इसकी कीमत 20.20 लाख रुपये है। कुल 4,032 यूनिट घी जब्त हुए। इनमें 2,998 यूनिट (1,349.1 लीटर) की कीमत 12.29 लाख रुपये और 1,034 यूनिट (930.6 लीटर) की कीमत 7.91 लाख रुपये बताई गई।
क्यों जब्त किया गया पतंजलि घी?
Maharashtra FDA ने बताया कि इस स्टॉक पर गलत लेबलिंग (मिसब्रांडिंग) और मिलावट का संदेह है। खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 के प्रावधानों के उल्लंघन के आधार पर ये कार्रवाई की गई। घी की गुणवत्ता और पैकेजिंग पर सवाल उठने के बाद इसे जब्त कर लिया गया।
ये घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पतंजलि आयुर्वेद एक बड़ा ब्रांड है और उसके उत्पादों पर आम लोगों का भरोसा रहता है। Maharashtra FDA की इस कार्रवाई ने एक बार फिर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच की जरूरत को रेखांकित किया है।

अन्य बड़े जब्ती के मामले
Maharashtra FDA के अभियान में सिर्फ घी ही नहीं, बल्कि कई अन्य खाद्य पदार्थ भी जब्त हुए। भिवंडी में एवेन्यू सुपरमार्ट्स से 1,44,218 किलोग्राम खाद्य तेल जब्त किया गया। सतारा में अमीन ट्रेडर्स से 20,560 किलोग्राम सामान जब्त हुआ। कोकण मंडल में सबसे ज्यादा मूल्य का सामान जब्त हुआ, जहां 1.67 लाख किलोग्राम सामग्री की कीमत 5.27 करोड़ रुपये आंकी गई।
जब्त किए गए सामान में खाद्य तेल, मसाले, चावल, दालें, गुड़, गेहूं और बेसन का आटा, दूध उत्पाद, मिठाई, नमकीन, सूखे मेवे, बेकरी उत्पाद और नूडल्स शामिल रहे। पुणे, नागपुर, अमरावती और छत्रपति संभाजीनगर मंडलों में भी बड़ी मात्रा में सामान जब्त किया गया।
19 लाइसेंस निलंबित
Maharashtra FDA ने गंभीर स्वच्छता संबंधी कमियों और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के आधार पर 19 फूड बिजनेस ऑपरेटर्स के लाइसेंस और पंजीकरण निलंबित कर दिए। इनमें मुंबई, अमरावती और छत्रपति संभाजीनगर मंडलों की नमकीन, मिठाई और मसाला बनाने वाली इकाइयां शामिल हैं। कुछ जगहों पर कीड़े-मकोड़े, खराब भंडारण व्यवस्था और दस्तावेजों की कमी पाई गई।
ये अभियान त्योहारी सीजन को देखते हुए चलाया गया था। दिवाली के आसपास मिठाई, नमकीन और घी की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में मिलावट और घटिया सामान बेचने की कोशिशें भी बढ़ जाती हैं। Maharashtra FDA की इस कार्रवाई का मकसद उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना था।
Maharashtra FDA की भूमिका और महत्व
Maharashtra FDA पिछले कुछ समय से खाद्य सुरक्षा को लेकर सक्रिय रहा है। राज्य में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी इसी विभाग की है। इस अभियान में विभाग के आयुक्त के नेतृत्व में टीमों ने अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की।
कार्रवाई के दौरान कई जगहों पर स्वच्छता के मानकों का उल्लंघन पाया गया। कुछ इकाइयों में कीटनाशक की समस्या, गंदगी और अनुचित भंडारण व्यवस्था देखी गई। ऐसे प्रतिष्ठानों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की गई। Maharashtra FDA ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आगे की जांच जारी रहेगी और दोषियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया चलाई जाएगी।
उपभोक्ताओं के लिए संदेश
ये घटना उपभोक्ताओं के लिए एक चेतावनी है। बाजार में बड़े ब्रांड के नाम पर भी कभी-कभी घटिया या गलत तरीके से पैक किया गया सामान मिल सकता है। खरीदारी करते समय पैकेजिंग, निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट और एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर जरूर जांचें। अगर किसी उत्पाद पर संदेह हो तो संबंधित विभाग को शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
Maharashtra FDA की इस कार्रवाई से साफ है कि त्योहारी सीजन में भी खाद्य सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार और विभाग दोनों ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया है। जब्त किए गए सामान की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई का फैसला लिया जाएगा।
आगे की प्रक्रिया
जब्त किए गए सामान की लैब टेस्टिंग चल रही है। मिलावट या मिसब्रांडिंग की पुष्टि होने पर संबंधित कंपनियों और डिस्ट्रीब्यूटर्स के खिलाफ और सख्त कदम उठाए जा सकते हैं। Maharashtra FDA ने कहा है कि ऐसे अभियान नियमित रूप से चलाए जाते रहेंगे ताकि बाजार में घटिया सामान की आमद रोकी जा सके।
दिवाली से पहले हुई ये कार्रवाई पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गई है। लोग सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे पर अपनी राय रख रहे हैं। कई उपभोक्ता ब्रांडेड उत्पादों की गुणवत्ता पर फिर से नजर डालने लगे हैं। Maharashtra FDA की ये कार्रवाई खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अभियान के दौरान हुई गिरफ्तारियों और सील किए गए प्रतिष्ठानों से साफ है कि विभाग ने सिर्फ जब्ती तक सीमित नहीं रखा, बल्कि कानूनी कार्रवाई भी शुरू की है। आगे की जांच में और तथ्य सामने आने की उम्मीद है। Maharashtra FDA ने पूरे अभियान को खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने का हिस्सा बताया है।
संबंधित आधिकारिक स्रोत
Maharashtra Food and Drug Administration – आधिकारिक वेबसाइट
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