नई दिल्ली: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े चढ़ावे और दान के प्रबंधन में कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस मामले में सोमवार, 2 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होनी है। याचिकाओं में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मिले दान और चढ़ावे के प्रबंधन में कथित गड़बड़ियों की जांच कराने की मांग की गई है।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ के सामने होगी सुनवाई
मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश (CJI) की पीठ के समक्ष होनी है। इस पीठ में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के साथ न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पांचोली शामिल हैं। याचिकाकर्ताओं की ओर से ट्रस्ट के वित्तीय प्रबंधन और कथित अनियमितताओं की जांच को लेकर अदालत से हस्तक्षेप की मांग की गई है।
चार याचिकाओं में उठाए गए अलग-अलग सवाल
इस मामले में कुल चार याचिकाएं दाखिल की गई हैं। इनमें वकील नरेंद्र कुमार गोस्वामी की ओर से दायर रिट याचिका, अजय कुमार राय की ओर से दाखिल आपराधिक रिट याचिका, राष्ट्रीय जनता दल के सांसद सुधाकर सिंह की अलग याचिका और हिंदू धर्म परिषद की ओर से दाखिल याचिका शामिल है।
इन याचिकाओं के माध्यम से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पास आने वाले दान और चढ़ावे के इस्तेमाल तथा वित्तीय व्यवस्था की जांच की मांग उठाई गई है।
पिछली सुनवाई में सरकार ने क्या कहा था?
इस मामले में 21 सितंबर को हुई पिछली सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) अपनी जांच लगभग पूरी कर चुका है। सरकार की ओर से यह भी कहा गया था कि जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
आज की सुनवाई पर रहेंगी निगाहें
अब 2 नवंबर को होने वाली सुनवाई में सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट के रुख पर रहेंगी। अदालत में याचिकाकर्ताओं की मांगों और जांच से जुड़े पक्षों पर सुनवाई होगी। हालांकि, मामले में अंतिम फैसला क्या होगा, यह सुनवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।


