कोलकाता: शनिवार का दिन पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया। कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में Suvendu Adhikari ने राज्य के 9वें मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। इस अभूतपूर्व सत्ता परिवर्तन का हिस्सा बनने के लिए स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोलकाता पहुंचे, जहाँ उन्होंने बंगाल की जनता के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।
ब्रिगेड मैदान में ‘केसरिया’ रोड शो और जन-अभिवादन
शपथ ग्रहण समारोह से पहले का दृश्य किसी उत्सव से कम नहीं था। प्रधानमंत्री मोदी ने नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के साथ एक खुली जीप में सवार होकर जनता का अभिवादन किया।
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उत्साह का सैलाब: पूरा मैदान ‘जय श्री राम’ और ‘मोदी-सुवेंदु’ के नारों से गूंज उठा। कार्यकर्ताओं का जोश देखने लायक था।
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जनशक्ति को नमन: जैसे ही पीएम मोदी मंच पर पहुंचे, उन्होंने सामने मौजूद विशाल जनसमूह की ओर देखते हुए झुककर प्रणाम किया। उन्होंने इस जीत का श्रेय बंगाल की जनता को देते हुए सोशल मीडिया पर साझा किया— “मैं पश्चिम बंगाल की जनशक्ति को नमन करता हूँ!”
वरिष्ठता का सम्मान: माखनलाल सरकार को प्रधानमंत्री का प्रणाम
राजनीति के इस बड़े मंच पर प्रधानमंत्री ने सादगी और संस्कारों की मिसाल पेश की। उन्होंने मंच पर मौजूद राज्य के सबसे पुराने बीजेपी कार्यकर्ता माखनलाल सरकार को शॉल भेंट कर सम्मानित किया और उनका आशीर्वाद लिया। इस भावुक पल ने वहां मौजूद हजारों कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भर दिया। मंच पर गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई केंद्रीय मंत्री भी उपस्थित रहे।
15 साल बाद बंगाल में ‘कमल’ का राज
पश्चिम बंगाल ने डेढ़ दशक पुराने टीएमसी शासन को उखाड़ फेंकते हुए बीजेपी को स्पष्ट और प्रचंड जनादेश दिया है।
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ऐतिहासिक जीत: 294 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी ने 207 सीटों पर कब्जा कर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई है।
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TMC का सफाया: पिछले चुनाव में 215 सीटें जीतने वाली तृणमूल कांग्रेस इस बार महज 80 सीटों पर सिमट कर रह गई है।
Suvendu Adhikari के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही बंगाल में ‘विकास’ और ‘सोनार बांग्ला’ के संकल्प को पूरा करने की दिशा में नए अध्याय की शुरुआत हो गई है। समारोह में बीजेपी शासित राज्यों के कई मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति ने इस जीत की भव्यता को और बढ़ा दिया।
