मुंबई। युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना केवल सरकार का काम नहीं, बल्कि हमारा सामाजिक दायित्व भी है। आज देश में शांति और स्थिरता का वातावरण है, जिसके कारण उद्योग-व्यवसाय, व्यापार तथा पारिवारिक जीवन सुचारु रूप से चल रहा है। महाराष्ट्र में बेरोजगार युवक-युवतियों की संख्या बड़ी है, लेकिन इसके साथ ही रोजगार के अवसर भी बड़ी संख्या में उपलब्ध हैं। हालांकि, कई बार नौकरी के लिए साक्षात्कार देने के दौरान आवश्यक कौशल या आत्मविश्वास की कमी के कारण युवा कुछ क्षेत्रों में पीछे रह जाते हैं और उन्हें अपेक्षित रोजगार नहीं मिल पाता, ऐसा प्रतिपादन कौशल, रोजगार, उद्यमिता एवं नवाचार विभाग के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने किया। आगामी 29 सितंबर को पूरे महाराष्ट्र में ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय विश्वविक्रमी रोजगार महाकुंभ’ का आयोजन किया जा रहा है। इस रोजगार मेले की पृष्ठभूमि में शुक्रवार को बांद्रा पूर्व स्थित जिलाधिकारी कार्यालय में कौशल विकास विभाग एवं मुंबई उपनगर जिलाधिकारी कार्यालय के माध्यम से ‘एम्प्लॉयर राउंड टेबल’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा बोल रहे थे। मंगल प्रभात लोढ़ा ने आगे कहा कि आज हर युवा का सपना एक अच्छी नौकरी पाने का है। विशेष रूप से कौशल आधारित क्षेत्रों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों को लेकर युवाओं को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
