मुंबई। जम्मू कश्मीर में आतंक की कमर तोड़ने वाले एनआईए के डीआईजी डॉ शैलेंद्र मिश्र को केंद्रीय गृह मंत्रालय दक्षता पुरस्कार दिया जाएगा। उनके साहस और पराक्रम को देखते हुए भारत सरकार द्वारा उन्हें यह पुरस्कार देने का निर्णय लिया गया है। आतंकवाद विरोधी अभियान के चलते उन्हें कई उत्कृष्ट पुरस्कार प्रदान किए गए हैं। भारत के अलावा विदेश में भी उनकी कार्यशैली की सराहना की गई है। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के मूलनिवासी डॉ शैलेंद्र मिश्र का जन्म ठाणे में हुआ था। मुंबई विश्वविद्यालय से स्नातक डॉ मिश्र ने 2008 में यूपीएससी की परीक्षा में टॉप किया था। चुनौती पूर्ण कार्यों को पसंद करने वाले डॉ मिश्र ने दक्षिण कश्मीर में आतंकवादी कमांडरों का खात्मा किया। तत्कालीन सेवा प्रमुख जनरल बिपिन रावत के हाथों सेना प्रमुख पदक से सम्मानित डॉ मिश्रा को जम्मू कश्मीर का सर्वोच्च वीरता पुरस्कार शेर ए कश्मीर अवार्ड सेबी पुरस्कृत किया जा चुका है। उत्तर भारतीय संघ के उपाध्यक्ष तथा युवा समाजसेवी संजय सिंह के अनुसार भारत माता के ऐसे वीर सपूतों पर हम सबको गर्व है। उन्होंने कहा कि डॉ शैलेंद्र मिश्र द्वारा किए गए चुनौती पूर्ण कार्यों की जितनी भी सराहना की जाए कम है।
जम्मू कश्मीर में आतंक की कमर तोड़ने वाले डीआईजी डॉ शैलेंद्र मिश्र को मिलेगा दक्षता पुरस्कार

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