By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Akhand Rashtra NewsAkhand Rashtra NewsAkhand Rashtra News
  • होम
  • राज्य
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • मध्य प्रदेश
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • अपराध
  • साहित्य
  • धर्म
  • एक्सक्लूसिव
  • सम्पादकीय
  • ई पेपर
Reading: डॉ योगेश दुबे की याचिका का इंपैक्ट
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Akhand Rashtra NewsAkhand Rashtra News
Font ResizerAa
  • होम
  • राज्य
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • मध्य प्रदेश
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • अपराध
  • साहित्य
  • धर्म
  • एक्सक्लूसिव
  • सम्पादकीय
  • ई पेपर
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2008 - 2026 Akhand Rashtra News All Rights Reserved. Proudly Made By Akshant Media Solution
Akhand Rashtra News > राज्य > महाराष्ट्र > डॉ योगेश दुबे की याचिका का इंपैक्ट
महाराष्ट्रराज्य

डॉ योगेश दुबे की याचिका का इंपैक्ट

Digital Desk - Lucknow
Last updated: April 11, 2025 5:20 am
Digital Desk - Lucknow
1 year ago
Share
डॉ योगेश दुबे की याचिका का इंपैक्ट
SHARE

अपनी भाषा चुने।

महिला कैदियों और उनके बच्चों की सुविधाओं को लेकर राज्य हुए सक्रिय

मुंबई। राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता डॉ योगेश दुबे की याचिका केस क्रमांक– 367/90/0/2025 दाखिल करने के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने देश भर की विभिन्न जेलों में महिला कैदियों और उनके बच्चों सहित सभी कैदियों की कठिनाइयों पर संज्ञान लिया है। रिपोर्ट में महिला कैदियों और शिशुओं के साथ रहने वाली महिलाओं, दोषी और विचाराधीन महिला कैदियों, साथ ही एक वर्ष से अधिक समय से जेलों में बंद विचाराधीन महिला और पुरुष कैदियों की संख्या शामिल होनी चाहिए|
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने देश भर की जेलों में महिला कैदियों और उनके बच्चों सहित सभी कैदियों की विभिन्न कठिनाइयों पर बड़ी कार्यवाही की है। इनमें जेलों में क्षमता से अधिक कैदी होना, आधारभूत सुविधाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव शामिल है| देश भर की विभिन्न जेलों का दौरा करने के बाद अपनी रिपोर्ट के साथ-साथ शिकायतों के माध्यम से श्री दुबे की रिपोर्ट द्वारा इन मुद्दों को आयोग के संज्ञान में लाया गया है|इस पर विशेष अध्ययन भी किया गया है|जिसमे कई मुद्दों को अहम् रूप से श्री दुबे द्वारा उठाया गया है।
महिला कैदियों की गरिमा और सुरक्षा के अधिकारों का उल्लंघन, उनके खिलाफ बढ़ती हिंसा के कारण मानसिक कष्ट,पर्याप्त शौचालय, सैनिटरी नैपकिन, स्वच्छ पेयजल सुविधाओं के बिना अस्वास्थ्यकर स्थिति, खराब गुणवत्ता वाला भोजन जिसके कारण विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं में कुपोषण, जेलों में उनके साथ रहने वाली महिला कैदियों के बच्चों के लिए शिक्षा के अवसरों की कमी, कानूनी सहायता, व्यावसायिक प्रशिक्षण और पुनर्वास सहित उनके कल्याण कार्यक्रमों का कार्यान्वयन न होना अन्य चिंताओं में शामिल हैं इसलिए आयोग ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को चार सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया है। इसके पहले भी डॉ योगेश दुबे द्वारा जेलों में बंद बुजुर्ग कैदियों के लिए विशेष प्रयत्न निरंतर किये गए थे। पूर्व मे भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के दौरान डॉ योगेश दुबे ने उनका ध्यान भारत की जेलों में बंद बुजुर्ग कैदियों की तरफ दिलाते हुए कहा था कि सजा पूरी हो जाने के बावजूद जुर्माना न भरने के कारण अनेक बुजुर्ग कैदी जेलों की सजा काटने के लिए विवश हैं।

उन्होंने ऐसे कैदियों को नियमपूर्वक रिहा किए जाने की अपील की, ताकि वे अपने बचे हुए जीवन को अपने परिवार के साथ बिता सकें। साथ ही उन्होंने दिव्यांग लोगों को और अधिक सशक्तिकरण किए जाने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाए जाने की दिशा में उन्हें रोजगार देने तथा सरकारी नौकरियों में उनका आरक्षित कोटा भरने की अपील करते हुए कहा कि अभी भी दिव्यांग जनों को अनेक प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है |

You Might Also Like

दूरदर्शन सह्याद्री चैनल पर 14 सितंबर को कवि सम्मेलन
बेंगलुरु: महिलाओं की गुप्त रिकॉर्डिंग करने वाला गिरफ्तार
शाहगंज गोली कांड मे हुई मौत की जांच करने पहुचे एसपी
पंजाब नेशनल बैंक मुख्य शाखा का निरीक्षण करने पहुंचे जिलाधिकारी
धनबाद पुलिस की बड़ी सफलता: मुठभेड़ में प्रिंस खान गिरोह का शूटर भानु मांझी घायल, अस्पताल में भर्ती
Share This Article
Facebook Email Print
Previous Article शिक्षक समस्याओ को लेकर संगठन ने कसी कमर शिक्षक समस्याओ को लेकर संगठन ने कसी कमर
Next Article बीमा कंपनी के 28 लाख रुपयों से क्या लौट सकेगा छात्रों का जीवन.?
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • धनबाद के स्कूलों में मध्याह्न भोजन के राशन पर सख्ती, गड़बड़ी मिलने पर होगी कड़ी कार्रवाई
  • सस्ते डिस्पोजल के झांसे में 2.5 लाख की लूट: एडीसीपी जितेंद्र दुबे के नेतृत्व में 24 घंटे में 3 बदमाश गिरफ्तार, 1.92 लाख बरामद
  • दिहाड़ी मजदूर की बेटी पूनम बनी प्रेरणा, नीट में शानदार सफलता पर उपायुक्त ने किया सम्मानित
  • लोकतंत्र का शवदाह: 18 जुलाई वो काला दिन और तानाशाही का चरम अहंकार!
  • Delhi जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के अनशन में पहुंचे पवन खेड़ा और अरविंद केजरीवाल, बोले मोदी को.. .

Recent Comments

  1. Akhand Rashtra on उत्कृष्ट शिक्षा की अलख जगाने के लिए मुंबई के वकील ने गांव में खोला स्कूल
  2. Akhand Rashtra on चलती ट्रेन में गोलीबारी, RPF के ASI और 3 यात्रियों की मौत, जयपुर-मुंबई ट्रेन में पालघर के पास फायरिंग
  3. Bhaskar Singh on माता भाग्यलक्ष्मी के दर्शनोपरांत रामराज्य सभा का समापन
  4. Ryan F on चलती ट्रेन में गोलीबारी, RPF के ASI और 3 यात्रियों की मौत, जयपुर-मुंबई ट्रेन में पालघर के पास फायरिंग
  5. AlyciaH on उत्कृष्ट शिक्षा की अलख जगाने के लिए मुंबई के वकील ने गांव में खोला स्कूल
about us

Akhand Rashtra एक राष्ट्रीय दैनिक अख़बार है, जो 18 वर्षों से निष्पक्ष, सटीक और जिम्मेदार पत्रकारिता करते हुए प्रिंट व डिजिटल माध्यमों पर सक्रिय है।

Important Category

  • उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • गुजरात
  • पश्चिम बंगाल
  • बिहार
  • महाराष्ट्र

Important Links

  • देश
  • विदेश
  • एक्सक्लूसिव
  • अपराध
  • राजनीति
  • साहित्य

Quick Link

  • About Us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions – Akhand Rashtra
  • Disclaimer
  • GDPR
  • Contact

Find Us on Socials

© 2008 - 2026 Akhand Rashtra News All Rights Reserved. Proudly Made By Akshant Media Solution
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?

Not a member? Sign Up