By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Akhand Rashtra NewsAkhand Rashtra NewsAkhand Rashtra News
  • होम
  • राज्य
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • मध्य प्रदेश
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • अपराध
  • साहित्य
  • धर्म
  • एक्सक्लूसिव
  • सम्पादकीय
  • ई पेपर
Reading: तीन नए अपराधिक कानूनों को अमल लाने की दुविधा और संभ्रम
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Akhand Rashtra NewsAkhand Rashtra News
Font ResizerAa
  • होम
  • राज्य
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • मध्य प्रदेश
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • अपराध
  • साहित्य
  • धर्म
  • एक्सक्लूसिव
  • सम्पादकीय
  • ई पेपर
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2008 - 2026 Akhand Rashtra News All Rights Reserved. Proudly Made By Akshant Media Solution
Akhand Rashtra News > सम्पादकीय > तीन नए अपराधिक कानूनों को अमल लाने की दुविधा और संभ्रम
सम्पादकीय

तीन नए अपराधिक कानूनों को अमल लाने की दुविधा और संभ्रम

Akhand Rashtra
Last updated: December 30, 2023 2:46 am
Akhand Rashtra
3 years ago
Share
तीन नए अपराधिक कानूनों को अमल लाने की दुविधा और संभ्रम
SHARE

अपनी भाषा चुने।

–एड. प्रफुल्ल साल्वी

भारत के राष्ट्रपति ने २५ डिसेम्बर २०२३ को तीन नए आपराधिक कानूनों को मंजूरी दे दी जिस्मे-
भारतीय न्याय संहिता, 2023 (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (बीएनएसएस), भारतीय साक्ष्य अधिनियम नागरिक,2023 (बीएसए),शामिल थे और उसी दिन भारत के असाधारण राजपत्र में अधिसूचित और प्रकाशित भी किए गए। हालाँकि पूरे देश में इसके कार्यान्वयन को लेकर दुविधा और भ्रम है।
कानून अपने आवेदन खंड में कहता है कि यह आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना की तारीख से लागू होगा, हालांकि यह अभी भी अस्पष्ट है क्योंकि पुलिस प्रणाली अभी भी कानूनों के पुराने संस्करण के अनुसार मामलों को दर्ज करती है।
ये तीन आपराधिक कानून, चाहे मूल कानून, बीएनएस और प्रक्रियात्मक कानून, बीएनएसएस, इसमें किए गए कॉस्मेटिक सर्जरी के साथ-साथ कई नए बदलावों के साथ आए हैं, पुलिस प्रणाली, आपराधिक और न्यायिक प्रणाली को भी जमीनी स्तर पर प्रशिक्षण की बहुत आवश्यकता है। नए अधिनियमित कानूनों के बारे में आम जनता में जागरूकता की भी पुरेपूर जरूरत है।इसे अपराध और आपराधिक ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम सीसीटीएनएस (CCTNS) के साथ एफआईआर (FIR) को 100 प्रतिशत जोड़ने के लिए अपनाना होगा, नई धारा 173 के अनुसार एफआईआर (FIR) का प्रारूप जो पुराने आईपीसी के तहत धारा 154 की जगह लेता है, धारा 193 के तहत पुलिस की जांच रिपोर्ट जो पुरानी धारा 173 की जगह लेता है,और विभिन्न जमानत प्रावधानों को नए सरीये से प्रतिस्थापित करती है।
नए कानून को पूरी तरह से डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मोड से सुसज्जित करना होगा क्योंकि इसका उद्देश्य नई संहिता के माध्यम से न्याय की पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध डिलीवरी को बनाए रखना और बनाना है।
कानूनी प्रणाली को सामुदायिक सेवा के नए प्रारूप के बारे में भी समझना है जो नई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के तहत सजा के रूप में कार्य करता है। नया भारतीय न्याय संहिता कानून मे अभी आतंकवादी कृत्य जैसी कुछ अवधारणा को स्पष्ट करने में कामयाब रहा है। संगठित अपराध मॉब लिंचिंग और इसकी कड़ी सज़ा इसकी ओर दर्शया है, हालांकि आनेवाला समय आने पर इसका प्रभावी कार्यान्वयन दिखाई देगा।

– एडवोकेट प्रफुल्ल साल्वी
विजिटिंग प्रोफेसर विधि विभाग,मुंबई, महाराष्ट्र

- Advertisement -
anaya's kitchenanaya's kitchen

You Might Also Like

AI और आपकी नौकरी: क्या सिर्फ तकनीक के बहाने आपको निकाला जा सकता है? चीन की अदालत ने तय किए नए नियम
अहमदाबाद विमान हादसा: फ्यूल स्विच ऑफ होने से क्रैश
झारखंड प्रदेश की राजधानी रांची में पुलिस ने बरामद किए 2 करोड़ रुपये के जाली नोट, दो गिरफ्तार
9 साल बाद विजय माल्या, “किंग ऑफ गुड टाइम्स” ने तोड़ी चुप्पी
भरोसा, दायित्व और बदनामी से सराबोर होती यूपी पुलिस की वर्दी पर चढ़ा धुरंधर का रंग
Share This Article
Facebook Email Print
Previous Article जो भक्तों के पापों को हरण कर ले, वही हरि हैं – कुणाल महाराज जो भक्तों के पापों को हरण कर ले, वही हरि हैं – कुणाल महाराज
Next Article भ्रष्टाचार के खिलाफ यादव संघ प्रगति पैनल को मिल रहा समर्थन भ्रष्टाचार के खिलाफ यादव संघ प्रगति पैनल को मिल रहा समर्थन
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent Posts

  • सिस्टम को स्टूडेंट नहीं, अंधभक्त चाहिए’: इंदौर में राहुल गांधी की हुंकार; 13% होल्ड, पेपर लीक और फर्जीवाड़े पर छात्रों के साक्ष्यों से गरमाई सियासत
  • 63 घंटे बाद भी न्याय का इंतजार: विक्रम के परिवार के समर्थन में उठी आवाज, प्रशासन से मुआवजा-नौकरी और पुनर्वास की मांग
  • भोर की खामोशी चीखों में बदली: सिजुआ में धंसी धरती, मलबे में दबकर 10 वर्षीय विक्रम की मौत; 25 परिवारों पर टूटा बेघर होने का संकट
  • कतरास बाजार में पुलिस का सघन वाहन जांच अभियान, नाबालिगों की बाइक जब्त
  • भोर की खामोशी चीखों में बदली: सिजुआ में धंसी धरती, मलबे में दबकर 10 वर्षीय बच्चे की मौत

Recent Comments

  1. Akhand Rashtra on उत्कृष्ट शिक्षा की अलख जगाने के लिए मुंबई के वकील ने गांव में खोला स्कूल
  2. Akhand Rashtra on चलती ट्रेन में गोलीबारी, RPF के ASI और 3 यात्रियों की मौत, जयपुर-मुंबई ट्रेन में पालघर के पास फायरिंग
  3. Bhaskar Singh on माता भाग्यलक्ष्मी के दर्शनोपरांत रामराज्य सभा का समापन
  4. Ryan F on चलती ट्रेन में गोलीबारी, RPF के ASI और 3 यात्रियों की मौत, जयपुर-मुंबई ट्रेन में पालघर के पास फायरिंग
  5. AlyciaH on उत्कृष्ट शिक्षा की अलख जगाने के लिए मुंबई के वकील ने गांव में खोला स्कूल
about us

Akhand Rashtra एक राष्ट्रीय दैनिक अख़बार है, जो 18 वर्षों से निष्पक्ष, सटीक और जिम्मेदार पत्रकारिता करते हुए प्रिंट व डिजिटल माध्यमों पर सक्रिय है।

Important Category

  • उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • गुजरात
  • पश्चिम बंगाल
  • बिहार
  • महाराष्ट्र

Important Links

  • देश
  • विदेश
  • एक्सक्लूसिव
  • अपराध
  • राजनीति
  • साहित्य

Quick Link

  • About Us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions – Akhand Rashtra
  • Disclaimer
  • GDPR
  • Contact

Find Us on Socials

© 2008 - 2026 Akhand Rashtra News All Rights Reserved. Proudly Made By Akshant Media Solution
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?

Not a member? Sign Up