वाराणसी। विकल्प बहुत मिलेंगे मार्ग भटकाने के लिए, लेकिन संकल्प एक ही काफी है मंजिल तक जाने के लिए … यह पंक्तियां प्रांजल जायसवाल पर बिल्कुल सटीक बैठती है क्योंकि तैराकी प्रतियोगिता में अगर आप प्रतिभाग कर रहे हैं तो आपको मंजिल स्पष्ट दिखाई देनी चाहिए। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है चंदौली के इलिया के रहने वाले प्रांजल जायसवाल ने। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में आयोजित समर कैंप में तैराकी प्रतियोगिता में प्रांजल जायसवाल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। उन्होंने इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को दिया। गौरतलब हो कि प्रांजल के पिता इलिया में संत कबीर एजुकेशन एकेडमी के प्रबंधक हैं और इनकी मां बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापिका हैं।
तैराकी प्रतियोगिता में प्रांजल ने किया जनपद का नाम रोशन
ओमकार त्रिपाठी राजनीतिक विश्लेषक है, इसी के साथ
पिछले कई वर्षों से उत्तर प्रदेश की जमीनी राजनीति, प्रशासनिक हलचल और खोजी पत्रकारिता (Crime & Investigative Reporting) में सक्रिय। 19 वर्ष पुराने प्रतिष्ठित अखबार दैनिक अखंड राष्ट्र (Akhand Rashtra) के स्थानीय संपादक है,
Omkar Tripathi विशेष तौर पर निष्पक्ष आवाज और पारदर्शी गवर्नेंस के लिए प्रतिबद्ध है
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