भायंदर। मीरा भायंदर महानगरपालिका को स्वच्छता में प्रथम क्रमांक मिलने का श्रेय महापालिका के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ जनता को भी जाता है। परंतु इस उपलब्धि के बाद महापालिका के कुछ अधिकारी प्लास्टिक बंदी के नाम पर मनमाना जुर्माना वसूलने का काम कर रहे हैं। जुर्माना न भरने पर दुकान में रखा सामान भी उठा ले जा रहे हैं। इससे दुकानदारों में दहशत का माहौल है। ऐसी ही एक घटना प्रभाग क्रमांक 6 में देखने को मिली। प्राप्त जानकारी के अनुसार राम सिंह दहिया की काशीमीरा में शिवाजी की प्रतिमा के पास एक मेडिकल स्टोर है। आज सुबह स्वच्छता विभाग का एक निरीक्षक कुछ कर्मचारियों के साथ उनकी दुकान पर आया। प्लास्टिक के नाम पर उसने दुकानदार पर 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। दहिया ने कहा कि इस समय उसके पास पैसे नहीं है ,वह बाद में जुर्माना भर देगा। परंतु निरीक्षक ने उसकी एक नहीं सुनी। उसने साथ आए कर्मचारियों की मदद से दुकान के भीतर सामान सहित फ्रिज तथा कंप्यूटर उठवाकर बीएमसी की गाड़ी में रखा और चला गया। दुकानदार पूरी तरह से सदमे में आ गया। जब यह घटना भाजपा के 145 विधानसभा चुनाव प्रमुख एडवोकेट रवि व्यास को मालूम पड़ी तो उन्होंने तत्काल महापालिका आयुक्त को पत्र लिखकर उस स्वच्छता निरीक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। रवि व्यास के अनुसार यह एक प्रकार से सरेआम गुंडागर्दी है। दुकानदार के पास पैसे नहीं थे। वह बाद में फाइन भरने के लिए तैयार था। ऐसे में दुकान से कीमती सामान उठा ले जाना अन्याय पूर्ण और निंदनीय है। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो चुकी है।
प्लास्टिक बंदी के के नाम पर मनपा अधिकारी की दादागिरी, दुकान से उठा ले गए फ्रिज और कंप्यूटर
ओमकार त्रिपाठी राजनीतिक विश्लेषक है, इसी के साथ
पिछले कई वर्षों से उत्तर प्रदेश की जमीनी राजनीति, प्रशासनिक हलचल और खोजी पत्रकारिता (Crime & Investigative Reporting) में सक्रिय। 19 वर्ष पुराने प्रतिष्ठित अखबार दैनिक अखंड राष्ट्र (Akhand Rashtra) के स्थानीय संपादक है,
Omkar Tripathi विशेष तौर पर निष्पक्ष आवाज और पारदर्शी गवर्नेंस के लिए प्रतिबद्ध है
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