जौनपुर | लगातार हो रही बारिश ने रामपुर से बरसठी तक की मुख्य सड़क की हालत बेहद खराब कर दी है। जगह-जगह बने गहरे गड्ढों के कारण वाहन चलाना तो दूर, पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने रामपुर-निगोह मार्ग पर जगह-जगह बोल्डर डालकर गड्ढों को भरने का काम शुरू कर दिया है। अपना दल (एस) के जिला महासचिव नितेश पाठक ने बताया कि, जिलाधिकारी दिनेश चंद्र सिंह को पत्र लिखकर मार्ग की बदहाली की ओर ध्यान दिलाया। गौरतलब हो कि, रामपुर मार्ग की मरम्मत से भले कुछ राहत मिली हो, मगर बरसठी क्षेत्र के दर्जनों लिंक मार्ग अब भी बेहाल पड़े हैं। बधवा-जमालापुर मार्ग पूरी तरह उखड़ चुका है, जहां बड़े-बड़े गड्ढों में गिरकर लोग रोज चोटिल हो रहे हैं। मियाचक बाजार में हालात और भी खतरनाक हैं। बाजार में करीब एक फीट ऊँचाई तक पानी जमा होने से सड़क पूरी तरह जलमग्न हो चुकी है। जलभराव की वजह से पूरी सड़क दलदल में बदल गई है। उधर, बरसठी और बारीगांव बाजार के पास की सड़कें भी कीचड़, गड्ढे और पानी से भरा हैं। स्थानीय दुकानदार राजेश यादव ने बताया कि ग्राहक बाजार तक पहुंचने से कतरा रहे हैं, क्षेत्रीय लोगों की मांग है कि जैसे रामपुर मार्ग को प्राथमिकता में लिया गया, वैसे ही बधवा-जमालापुर पर मियाचक बाजार, बरसठी बाजार और बारीगांव बाजार में भी सड़कों को भी तत्काल दुरुस्त किया जाए। लोगो ने जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए फौरन राहत कार्य शुरू कराए जाएं और स्थायी निर्माण की योजना बनाई जाने की मांग की है लोगो का कहना है कि सड़क के किनारे जलनिकासी की भी उचित व्यवस्था हो, ताकि सड़कें बार-बार तालाब न बनें।बरसात ने इन सड़कों की पोल खोल दी है। अगर समय रहते जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थायी हल नहीं निकालते, तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
बरसात ने खोल दी सड़कों की पोल, रामपुर मार्ग पर मरम्मत शुरू—बाकी गांवों की हालत अब भी बदतर
ओमकार त्रिपाठी राजनीतिक विश्लेषक है, इसी के साथ
पिछले कई वर्षों से उत्तर प्रदेश की जमीनी राजनीति, प्रशासनिक हलचल और खोजी पत्रकारिता (Crime & Investigative Reporting) में सक्रिय। 19 वर्ष पुराने प्रतिष्ठित अखबार दैनिक अखंड राष्ट्र (Akhand Rashtra) के स्थानीय संपादक है,
Omkar Tripathi विशेष तौर पर निष्पक्ष आवाज और पारदर्शी गवर्नेंस के लिए प्रतिबद्ध है
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