मुंबई। जातिगत जनगणना सामाजिक न्याय, समानता और सही नीति निर्माण के लिए आवश्यक है। इससे सरकार को विभिन्न जातियों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को समझने में मदद मिलती है, जिससे वंचित वर्गों के लिए बेहतर योजनाएँ बनाई जा सकती हैं। विश्व प्रसिद्ध श्री सिद्धिविनायक मंदिर में गणपति बप्पा की पूजा अर्चना करने के बाद मंदिर न्यास के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी के कार्यालय में हमारे संवाददाता से बात करते हुए उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा सांसद जगदंबिका पाल ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि 74 वर्षों के बाद हो रही इस जनगणना का सारा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के ऐतिहासिक निर्णय से विपक्ष पूरी तरह से बौखला गया है। यही कारण है कि विपक्ष आधारहीन बातों को उठा रहा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार पिछड़े और दलितों का हर हाल में विकास चाहती है। इस दिशा में मोदी सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि जनता अब विपक्ष के रवैये को पहचान चुकी है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सहयोगी दलों के साथ भाजपा अच्छा काम कर रही है। जनता पूरी तरह से संतुष्ट और खुश नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के साथ योगी आदित्यनाथ फिर मुख्यमंत्री बनेंगे। इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री तथा मध्य प्रदेश के प्रभारी विधायक डॉ महेंद्र सिंह तथा महेश कुमार चतुर्वेदी उपस्थित रहे।
सामाजिक और आर्थिक समानता को बढ़ावा देगा जातिगत जनगणना : जगदंबिका पाल
ओमकार त्रिपाठी राजनीतिक विश्लेषक है, इसी के साथ
पिछले कई वर्षों से उत्तर प्रदेश की जमीनी राजनीति, प्रशासनिक हलचल और खोजी पत्रकारिता (Crime & Investigative Reporting) में सक्रिय। 19 वर्ष पुराने प्रतिष्ठित अखबार दैनिक अखंड राष्ट्र (Akhand Rashtra) के स्थानीय संपादक है,
Omkar Tripathi विशेष तौर पर निष्पक्ष आवाज और पारदर्शी गवर्नेंस के लिए प्रतिबद्ध है
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