9 जून 2025 तक, शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) और ब्रिक्स जैसे मंचों पर चीन का प्रभाव बढ़ रहा है। ये संगठन अब चीन की कूटनीतिक रणनीतियों के लिए मंच बनते जा रहे हैं, जिससे भारत की स्थिति कमजोर हो रही है। चीन ने इन मंचों का इस्तेमाल भारत के खिलाफ कश्मीर और अन्य मुद्दों को उठाने के लिए किया है। इसके अलावा, रूस के पाकिस्तान के साथ बढ़ते संबंधों ने भारत के लिए सामरिक चुनौतियां पैदा की हैं। भारत इन मंचों पर अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए कूटनीतिक प्रयास कर रहा है, लेकिन चीन का आर्थिक और सैन्य प्रभाव इसे मुश्किल बना रहा है। यह स्थिति वैश्विक शक्ति संतुलन में बदलाव का संकेत देती है।
एससीओ और ब्रिक्स में चीन का प्रभाव
ओमकार त्रिपाठी राजनीतिक विश्लेषक है, इसी के साथ
पिछले कई वर्षों से उत्तर प्रदेश की जमीनी राजनीति, प्रशासनिक हलचल और खोजी पत्रकारिता (Crime & Investigative Reporting) में सक्रिय। 19 वर्ष पुराने प्रतिष्ठित अखबार दैनिक अखंड राष्ट्र (Akhand Rashtra) के स्थानीय संपादक है,
Omkar Tripathi विशेष तौर पर निष्पक्ष आवाज और पारदर्शी गवर्नेंस के लिए प्रतिबद्ध है
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