- ओमकार त्रिपाठी (अखंड राष्ट्र)
तेहरान, 14 जून 2025: मध्य पूर्व में तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है, क्योंकि ईरान ने इज़राइल पर 250 हाइपरसोनिक मिसाइलों से हमला किया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि यह हमला इज़राइल द्वारा ईरान की परमाणु सुविधाओं पर हाल के हमलों और वरिष्ठ कमांडरों की हत्या के जवाब में किया गया। इन मिसाइलों में फट्टाह-1 जैसी उन्नत हाइपरसोनिक मिसाइलें शामिल थीं, जो ध्वनि की गति से 15 गुना तेज़ हैं और इज़राइल की आयरन डोम रक्षा प्रणाली को भेदने में सक्षम हैं।
इज़राइल की सेना ने पुष्टि की कि तेल अवीव और आसपास के क्षेत्रों में सात स्थानों पर हमले हुए, जिससे कई इमारतों और सैन्य ठिकानों को नुकसान पहुंचा। इज़राइल के रक्षा मंत्री ने इसे “लाल रेखा पार करना” करार देते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। दूसरी ओर, ईरानी राज्य मीडिया ने दावा किया कि मिसाइलों ने सटीक निशाना बनाया और इज़राइल के सैन्य अड्डों को भारी नुकसान पहुंचाया।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने चेतावनी दी कि परमाणु सुविधाओं पर हमले से क्षेत्रीय स्थिरता को खतरा है। अमेरिका ने इज़राइल को समर्थन देने का वादा किया, जबकि राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान को परमाणु वार्ता के लिए राजी करने की कोशिश की। विश्व समुदाय ने युद्ध की आशंका के बीच संयम बरतने की अपील की है।
यह हमला मध्य पूर्व में पहले से चल रहे संघर्ष को और भड़का सकता है, क्योंकि यमन के हूती विद्रोहियों ने भी इज़राइल पर मिसाइल हमले किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति विश्व युद्ध की आशंका को बढ़ा सकती है। वैश्विक बाज़ारों में तेल की कीमतें उछाल मार रही हैं, और क्षेत्रीय शांति के लिए तत्काल कूटनीतिक हस्तक्षेप की मांग की जा रही है।

