Sanjeev Arora : पंजाब की भगवंत मान सरकार को एक बड़ा झटका लगा है। ED ने राज्य के उद्योग एवं बिजली मंत्री Sanjeev Arora को धन शोधन (Money Laundering) के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार कर लिया है। लुधियाना वेस्ट से विधायक अरोड़ा को मान कैबिनेट का सबसे रसूखदार चेहरा माना जाता है, जो सरकार और उद्योगपतियों के बीच एक मजबूत कड़ी के रूप में देखे जाते थे।
100 करोड़ के फर्जी बिल और दुबई का जाल
ED की जांच में Sanjeev Arora के खिलाफ बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसी के अनुसार:
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फर्जी GST बिल: आरोप है कि अरोड़ा की कंपनी ने दिल्ली की फर्जी फर्मों के नाम पर 100 करोड़ रुपये से अधिक के मोबाइल फोनों की फर्जी खरीदारी दिखाई।
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इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC): इन फर्जी बिलों के जरिए सरकार से करोड़ों रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट और GST रिफंड वसूला गया।
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दुबई से राउंड-ट्रिपिंग: एजेंसी का दावा है कि इस घोटाले से कमाए गए पैसे को फर्जी एक्सपोर्ट के जरिए दुबई भेजा गया और फिर वहां से ‘राउंड-ट्रिपिंग’ के जरिए वापस भारत लाकर सफेद किया गया।
10 घंटे की पूछताछ और 5 ठिकानों पर रेड
शनिवार तड़के करीब 5 बजे ED के 20 अधिकारियों की टीम 8 गाड़ियों में सवार होकर चंडीगढ़ के सेक्टर-2 स्थित मंत्री के सरकारी आवास पहुंची।
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छापेमारी: चंडीगढ़ के अलावा दिल्ली, गुरुग्राम और लुधियाना स्थित Hampton Sky Realty Limited (अरोड़ा के परिवार की कंपनी) के दफ्तरों पर भी एक साथ छापेमारी की गई।
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गिरफ्तारी: करीब 10 घंटे की सघन पूछताछ और दस्तावेजों की पड़ताल के बाद शाम को अरोड़ा को हिरासत में ले लिया गया। उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच दिल्ली स्थित ED मुख्यालय ले जाया गया है।
महीने भर में दूसरी और साल की तीसरी रेड
Sanjeev Arora पिछले काफी समय से केंद्रीय एजेंसियों के रडार पर थे। अप्रैल के महीने में भी FEMA (विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम) के तहत उनके ठिकानों की तलाशी ली गई थी और 157 करोड़ की संपत्ति अटैच की गई थी। महज एक महीने के भीतर यह उनके खिलाफ दूसरी बड़ी कार्रवाई है, जिसने पंजाब की राजनीति में भूचाल ला दिया है।
AAP का पलटवार: ‘चुनावी हथियार है ED’
इस गिरफ्तारी पर आम आदमी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। मुख्यमंत्री मान का कहना है कि यह पंजाब के मान-सम्मान पर हमला है और एजेंसियां केवल विपक्षी नेताओं को डराने या उन्हें भाजपा में शामिल करने के लिए इस्तेमाल की जा रही हैं।
