कोलकाता हाई कोर्ट ने क्रिकेटर मोहम्मद शमी को अपनी पत्नी हसीन जहां और बेटी आयरा को हर महीने 4 लाख रुपये भरण-पोषण के लिए देने का आदेश दिया। इसमें 1.5 लाख रुपये हसीन और 2.5 लाख रुपये आयरा के लिए हैं। शमी ने दलील दी थी कि उनकी आय इतना भुगतान करने की अनुमति नहीं देती, लेकिन कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। हसीन ने शमी पर घरेलू हिंसा और बेवफाई के आरोप लगाए थे, जिसके बाद यह कानूनी लड़ाई शुरू हुई। यह फैसला शमी के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि वह भारतीय क्रिकेट टीम के अहम खिलाड़ी हैं। इस मामले ने खेल और निजी जीवन के बीच संतुलन पर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर प्रशंसक दो खेमों में बँट गए हैं—कुछ शमी का समर्थन कर रहे हैं, तो कुछ हसीन के पक्ष में। कोर्ट ने यह भी कहा कि शमी को नियमित भुगतान सुनिश्चित करना होगा। यह मामला क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है।
मोहम्मद शमी को कोलकाता हाई कोर्ट का आदेश
ओमकार त्रिपाठी राजनीतिक विश्लेषक है, इसी के साथ
पिछले कई वर्षों से उत्तर प्रदेश की जमीनी राजनीति, प्रशासनिक हलचल और खोजी पत्रकारिता (Crime & Investigative Reporting) में सक्रिय। 19 वर्ष पुराने प्रतिष्ठित अखबार दैनिक अखंड राष्ट्र (Akhand Rashtra) के स्थानीय संपादक है,
Omkar Tripathi विशेष तौर पर निष्पक्ष आवाज और पारदर्शी गवर्नेंस के लिए प्रतिबद्ध है
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