पुणे के वाकड क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया, जहां पुलिस ने एक 22 वर्षीय महिला की रेप शिकायत को फर्जी करार दिया। महिला ने दावा किया था कि एक कूरियर डिलीवरी एजेंट बनकर आए व्यक्ति ने उसके फ्लैट में घुसकर रासायनिक स्प्रे का उपयोग कर उसे बेहोश किया और बलात्कार किया। पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने बताया कि 24 घंटे की जांच में शिकायत पूरी तरह झूठी पाई गई। जांच से पता चला कि आरोपी महिला का परिचित था, और कोई जबरदस्ती या स्प्रे का उपयोग नहीं हुआ। महिला ने एक प्रोफेसर की सलाह पर यह शिकायत दर्ज की थी, जिसने उसे शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया सिखाई। डिजिटल साक्ष्यों और बयानों में विरोधाभास के बाद पुलिस ने मामला खारिज कर दिया। इस घटना ने शहर की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए, लेकिन पुलिस ने इसे गलत नैरेटिव करार दिया। इस मामले ने वास्तविक पीड़ितों की विश्वसनीयता पर असर डालने की चिंता भी बढ़ाई है।
वाकड में फर्जी रेप शिकायत का खुलासा
ओमकार त्रिपाठी राजनीतिक विश्लेषक है, इसी के साथ
पिछले कई वर्षों से उत्तर प्रदेश की जमीनी राजनीति, प्रशासनिक हलचल और खोजी पत्रकारिता (Crime & Investigative Reporting) में सक्रिय। 19 वर्ष पुराने प्रतिष्ठित अखबार दैनिक अखंड राष्ट्र (Akhand Rashtra) के स्थानीय संपादक है,
Omkar Tripathi विशेष तौर पर निष्पक्ष आवाज और पारदर्शी गवर्नेंस के लिए प्रतिबद्ध है
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