By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Akhand Rashtra NewsAkhand Rashtra NewsAkhand Rashtra News
  • होम
  • राज्य
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • मध्य प्रदेश
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
    • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • अपराध
  • साहित्य
  • धर्म
  • एक्सक्लूसिव
  • सम्पादकीय
  • ई पेपर
Reading: *सावन में आखिर क्यों करते हैं भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक, जानिए क्या है वजह?*
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Akhand Rashtra NewsAkhand Rashtra News
Font ResizerAa
  • होम
  • राज्य
    • उत्तराखंड
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • मध्य प्रदेश
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
    • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • अपराध
  • साहित्य
  • धर्म
  • एक्सक्लूसिव
  • सम्पादकीय
  • ई पेपर
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2008 - 2026 Akhand Rashtra News All Rights Reserved. Proudly Made By Akshant Media Solution
Akhand Rashtra News > ताज़ा ख़बरें > *सावन में आखिर क्यों करते हैं भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक, जानिए क्या है वजह?*
ताज़ा ख़बरेंधर्म

*सावन में आखिर क्यों करते हैं भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक, जानिए क्या है वजह?*

Omkar Tripathi
Last updated: July 10, 2025 9:38 pm
Omkar Tripathi
8 months ago
Share
SHARE

– शिवम शुक्ल (अखंड राष्ट्र)

सावन का महीना और चातुर्मास का अवसर मणिकांचन योग जैसा है। चातुर्मास में श्रावणी मेला का आयोजन यूं ही नहीं होता है। क्या आपने कभी सोचा होगा कि सावन में ही भगवान शिव को पवित्र गंगाजल चढ़ाने की परंपरा क्यों है?

देवशयनी एकादशी के दिन से चातुर्मास शुरू हो जाता है। देव यानी श्रीहरि पाताल लोक में निवास करने जाते हैं। अगले चार महीने तक भगवान विष्णु क्षीरसागर में योग निंद्रा में जाते हैं। ऐसे में भगवान शिव सृष्टि का संचालन संभालते हैं। यह चार मास का समय चातुर्मास कहलाता है। इसमें सावन का महीना और भी पावन माना गया है। सावन में भक्त भोलेनाथ का जलाभिषेक, रूद्राभिषेक करवाते हैं, लेकिन क्या आपने जानने की कोशिश की कि आखिर क्यों भगवान शिव का अभिषेक किया जाता है। इसके पीछे समुंद्र मंथन के पीछे की कहानी जुड़ी है।

शास्त्रों की माने समुद्र मंथन किया गया था, तो उससे अमृत निकला, जिसको पीकर अमर हो जाते हैं, लेकिन इसी समुद्र मंथन के दौरान हलाहल विष भी निकला, इसके निकलने से संपूर्ण विश्व को खतरा था। ऐसे में भगवान शिव ने सृष्टि को बचाने के लिए विषपान किया। इसकी वजह से भगवान शिव का गला नीला पड़ गया। इसलिए उन्हें नीलकंठ कहते हैं। विष की तीव्र पीड़ा के कारण भोलेबाबा ने हलाहल को अपने कंठ में रोक लिया। लेकिन इसकी पीड़ा कम न हुई, भगवान आशुतोष दग्ध होने लगे। ऐसे में भगवान शिव को इस पीड़ा से बचाने के लिए और उन्हें शीतलता देने के लिए विभिन्न चीजों से भगवान शिव का अभिषेक करते हैं। इसलिए भगवान शिव के भक्त इस घटना को याद कर पवित्र गंगाजल से उनका जलाभिषेक करते हैं। मान्यता है कि इससे भगवान शिव को शीतलता मिलती है। कहते हैं भगवान शिव को अभिषेक अत्यंत प्रिय है। इसलिए उनके भक्तगण उन्हें पवित्र गंगाजल से सावन में जलाभिषेक करते हैं, तो भगवान उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

किन चीजों से अभिषेक करने पर मिलता है क्या फल

दूध से अभिषेक करने पर मन मस्तिष्क, समृद्धि के साथ-साथ आरोग्यता भी अक्षत चावल-स्थिर लक्ष्मी

सुभाष चंद्र त्रिपाठी स्मारक क्रिकेट प्रतियोगिता का शुभारंभ
किसानों के लाभ के लिए डिजिटल क्रोप सर्वे– जिलाधिकारी
दीवार बनवाने के दौरान मनबढ़ों ने किया हमला, वृद्ध पिता- पुत्र घायल
जौनपुर में एम्स अस्पताल का सपना साकार करेंगे कृपाशंकर सिंह
अनियंत्रित ट्रैक्टर खड्ड में पलटा, किशोर की मौत चालक घायल
Share This Article
Facebook Email Print
Previous Article बदलापुर में ऊर्जा मंत्री ने किया वृक्षारोपण 
Next Article *भतीजे से चाची की मांग भरवाकर कराई शादी !*
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

about us

Akhand Rashtra एक राष्ट्रीय दैनिक अख़बार है, जो 18 वर्षों से निष्पक्ष, सटीक और जिम्मेदार पत्रकारिता करते हुए प्रिंट व डिजिटल माध्यमों पर सक्रिय है।

  • उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • उत्तराखंड
  • गुजरात
  • पश्चिम बंगाल
  • बिहार
  • महाराष्ट्र
  • देश
  • विदेश
  • एक्सक्लूसिव
  • अपराध
  • राजनीति
  • साहित्य
  • About Us
  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions – Akhand Rashtra
  • Disclaimer
  • GDPR
  • Contact

Find Us on Socials

© 2008 - 2026 Akhand Rashtra News All Rights Reserved. Proudly Made By Akshant Media Solution
Join Us!
Subscribe to our newsletter and never miss our latest news, podcasts etc..
[mc4wp_form]
Zero spam, Unsubscribe at any time.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?

Not a member? Sign Up