भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर पांच साल बाद शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक में हिस्सा लेने के लिए चीन जाएंगे। 2020 की गलवन घाटी हिंसा के बाद भारत-चीन संबंधों में तनाव बढ़ा था, जिसमें 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे। इस यात्रा को दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। जयशंकर इस मंच पर पाकिस्तान को आतंकवाद के मुद्दे पर घेर सकते हैं, विशेष रूप से ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़े तनाव के बीच। भारत ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान के ड्रोन और मिसाइल हमलों को नाकाम किया है। SCO बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, व्यापार और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। भारत इस मंच का उपयोग अपनी स्थिति मजबूत करने और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए करेगा। यह यात्रा वैश्विक मंच पर भारत की कूटनीतिक रणनीति को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी।

