एटा | एटा मेडिकल कॉलेज की अव्यवस्थाओं पर अब तक कोई खास ध्यान नहीं दिया गया था, लेकिन सोमवार को जब कॉलेज की प्राचार्या डॉ. रजनी पटेल को खुद उन्हीं हालातों से गुजरना पड़ा, जिनसे रोज मरीज और तीमारदार जूझते हैं, तो पूरा सिस्टम हिल गया।
सुबह कॉलेज में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जब प्राचार्या लिफ्ट से 5वीं मंजिल पर जाने लगीं, तो पाया कि चारों लिफ्टें बंद हैं। बाहर एक नोटिस चस्पा था— “कल शाम 5 बजे से चारों लिफ्टें खराब हैं।” यह देख उनका पारा चढ़ गया।और उन्होंने सभी जिम्मेदार की क्लास लगा दी। लिफ्टें बंद होने के कारण डॉ.रजनी सिंह पटेल को सीढ़ियों से 5वीं मंजिल तक पैदल जाना पड़ा। पसीने से तर होकर जब वह ऊपर पहुंचीं, तो उन्होंने तुरंत संबंधित कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई, नोटिस फाड़ने का आदेश दिया और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) डॉ. एस. चंद्रा को भी लापरवाही के लिए डांट पड़ी। प्राचार्या ने साफ कहा कि ऐसी गैरजिम्मेदाराना व्यवस्था और मरीजों की अनदेखी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एटा मेडिकल कॉलेज पहले से ही अव्यवस्थाओं को लेकर सुर्खियों में रहा है— कभी चिकित्सकों की अनुपस्थिति, कभी मरीजों को बिना देखे लौटा देना, गर्भवती महिलाओं का गेट पर प्रसव होना और यहां तक कि सीवीसी मशीन की चोरी तक। लेकिन इन सबके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि लिफ्टें अक्सर खराब रहती कभी भी बंद हो जाती हैं, लेकिन कभी किसी को फर्क नहीं पड़ा। अब जब खुद प्राचार्या को पांचवीं मंजिल तक सीढियों से चढ़ना पड़ा, तब जाकर प्रशासन हरकत में आया है। देखना यह है कि क्या यह कार्रवाई एक दिन की सख्ती बनकर रह जाएगी, या इससे मेडिकल कॉलेज की कार्यशैली में कोई स्थायी सुधार भी आएगा।

