- ओमकार त्रिपाठी (अखंड राष्ट्र)
जौनपुर जिले के शाहगंज क्षेत्र के बड़ा गांव में नहर के जलस्तर को लेकर ग्रामीण लंबे समय से परेशान थे। इस समस्या को हल करने के लिए पूर्व जिला पंचायत सदस्य विवेक यादव (विक्की) ने न केवल प्रशासनिक स्तर पर प्रयास किए, बल्कि एक साहसिक कदम उठाकर जनता के बीच मिसाल कायम की। विवेक यादव (विक्की) ने जब नहर के कम जलस्तर की शिकायत पर कार्यकारी अभियंता (एक्ससीएन) और जूनियर इंजीनियर (जेई) से बात की, तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने त्वरित कार्रवाई के लिए एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) में शिकायत दर्ज की।
आज जब मामले की जांच के लिए अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे, तो एक कर्मचारी ने विवेक यादव (विक्की) से बदतमीजी भरे लहजे में बात की। इस अपमानजनक व्यवहार से आहत विवेक यादव (विक्की) ने नहर में उतरकर विरोध जताया और ऐलान किया, “जब तक नहर का जलस्तर मेरी कमर तक यानी निर्धारित स्तर तक नहीं पहुंचेगा, मैं पानी से बाहर नहीं निकलूंगा। या तो एक्ससीएन और जेई मेरे साथ इस पानी में बैठें!” उनका यह साहसिक कदम देखकर ग्रामीणों में उत्साह जागा और वे उनके समर्थन में जुट गए।
विवेक यादव (विक्की) की इस नन्हीं सी कोशिश ने प्रशासन को तत्काल कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया। उनकी दृढ़ता और जनता के प्रति समर्पण ने साबित कर दिया कि वे न केवल एक नेता, बल्कि जनता के सच्चे हितैषी हैं। ग्रामीणों ने उनकी तारीफ करते हुए कहा, “विक्की भैया जैसे नेता कम ही होते हैं, जो जनता की समस्या के लिए इतना संघर्ष करते हैं।” विवेक यादव (विक्की) का यह कदम जौनपुर के लिए एक प्रेरणा है, जो दर्शाता है कि सच्ची नीयत से की गई कोशिशें कभी बेकार नहीं जातीं।

