जौनपुर में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। चंदवक के बलुआ गांव में पानी घरों तक घुस गया है, जिससे लोग तिरपाल डालकर खुले में रहने को मजबूर हैं। पिछले पांच दिनों से ग्रामीण बाढ़ की मार झेल रहे हैं, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से कोई राहत नहीं मिली है।
लोगों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई एकड़ फसलें डूब गईं, जिससे किसानों की आजीविका संकट में है। श्मशान घाट भी पानी में डूबा है, जिसके कारण अंतिम संस्कार और तेरहवीं जैसे रीति-रिवाज अधूरे रह गए हैं। बाढ़ पीड़ित परिवार नमक-रोटी खाकर दिन गुजार रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि बाढ़ के कारण बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं ठप हैं। बच्चों और बुजुर्गों की हालत सबसे खराब है। प्रशासन की उदासीनता पर सवाल उठाते हुए ग्रामीणों ने तत्काल राहत और पुनर्वास की मांग की है। जिला प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

