– प्रेम शुक्ला, राष्ट्रीय प्रवक्ता (भारतीय जनता पार्टी)
मालेगांव धमाके के मामले में आया निर्णय केवल एक न्यायिक फैसला नहीं, बल्कि कांग्रेस की उस घृणित साजिश का पर्दाफाश है जिसके तहत उसने करोड़ों हिंदुओं को बदनाम करने का प्रयास किया। वर्षों तक कांग्रेस ने यह कहकर जनता को गुमराह किया कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, लेकिन जब उसकी सत्ता की नींव हिलने लगी तो इसी कांग्रेस ने हिंदू धर्म को आतंकवाद से जोड़ने की नीच और सुनियोजित कोशिश की।
एनआईए अदालत का यह ऐतिहासिक फैसला स्पष्ट करता है कि “भगवा आतंकवाद” जैसी अवधारणा कांग्रेस की एक मनगढ़ंत, दूषित और झूठी कहानी थी। इसका उद्देश्य था देश की बहुसंख्यक आस्था को कलंकित करना, हिंदुओं की छवि को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर धूमिल करना और अपनी तुष्टिकरण की राजनीति को साधना।
इस फैसले ने सिद्ध कर दिया कि कांग्रेस का पूरा नैरेटिव झूठ, छल और साजिश पर आधारित था। यह कांग्रेस की उस मानसिकता को उजागर करता है जो सत्ता की लालच में किसी भी स्तर तक गिर सकती है, चाहे इसके लिए राष्ट्र की संस्कृति, आस्था और आत्मसम्मान को ही क्यों न रौंदना पड़े।
अदालत का यह फैसला केवल एक समुदाय की नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र की जीत है। सत्य की यह ऐतिहासिक विजय कांग्रेस की कुत्सित साजिशों पर करारा प्रहार है। अब कांग्रेस को देश की जनता से हाथ जोड़कर माफी मांगनी चाहिए।

