जौनपुर | उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचाने के लक्ष्य में उद्यानिकी की महत्वपूर्ण भूमिका है, जिसके लिए राज्य भर में 700 विकासखंडों का चयन किया गया है। जनपद जौनपुर के खुटहन, बदलापुर और मछलीशहर ब्लॉक में ’’पर ब्लाक वन क्राप’’ कार्यक्रम का आयोजन 7 अगस्त, 2025 को किया गया, कार्यक्रम के तहत, जिला उद्यान अधिकारी डॉ. सीमा सिंह राणा ने ग्राम फिरोजपुर विकासखण्ड खुटहन में किसानों को बताया कि यहां फूलगोभी की अधिक खेती के दृष्टिगत फूलगोभी का चयन ‘‘पर ब्लाक वन क्राप’’ के अन्तर्गत किया गया है। उद्यान विभाग में पंजीकरण कराकर निःशुल्क सब्जी बीज प्राप्त कर सकते है तथा हाईटेक नर्सरी कृषि विज्ञान केन्द्र बक्शा में अपने स्वयं के बीज देकर रू0 1.70 प्रति पौधे की दर से अच्छे और स्वस्थ पौधे प्राप्त कर सकते हैं। जैसे फूलगोभी, पत्तागोभी, ब्रोकली, टमाटर, मिर्च, खीरा, शिमला मिर्च, करैला आदि सब्जियों के पौधे प्राप्त कर सकते है। इसका उद्देश्य किसानों की आय को दोगुना करना है।
वैज्ञानिक तरीके से किसान मल्चिंग विधि के साथ ड्रिप, इरीगेशन का प्रयोग करके सब्जी का उत्पादन और पौधे बढा सकते हैं, जिससे उनकी आय में और वृद्धि होगी। गोष्ठी में उपस्थित कृषक द्वारा बताया गया कि फूलगोभी का अधिक उत्पादन होने के बाद बाजार मूल्य कम हो जाता है। इसके लिए किसानो को परेशानी का सामना करना पडता है। जिला उद्यान अधिकारी द्वारा बताया गया कि प्रधानमंत्री खाद्य सूक्ष्म उद्योग उन्नयन योजनान्तर्गत किसान भाई आचार, चटनी, मुरब्बा इत्यादि खाद्य प्रसंस्करण इकाईयां लगाकर उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त कर सकते है। खाद्य प्रसंस्करण इकाईयो के स्थापना पर 35 प्रतिशत अनुदान देय है, इसके अतिरिक्त, यह भी स्पष्ट किया गया है कि पारंपरिक फसलों की तुलना में उद्यानिकी फसलें प्रति एकड अधिक उत्पादन और आय देती हैं। इनका छोटा जीवनचक्र होने के कारण ये प्रसंस्करण, निर्यात और कृषि उद्यमिता से सीधे जुडती हैं।
इस पहल से किसानों की आय में वृद्धि होगी, साथ ही नर्सरी, कोल्ड चेन, प्रोसेसिंग और खुदरा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर बढेंगे, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और राज्य की कृषि जीडीपी में भारी वृद्धि होगी। गोष्ठी में योजना एकीकृत बागवानी विकास मिशन अन्तर्गत सब्जी के किसानो का, डै्रगन फ्रूट व पालीहाउस में कृषको का चयन भी किया गया है।

