जौनपुर 4 अक्टूबर 2025 शाहगंज के श्रीरामपुर रोड (गल्ला मंडी के पास) पर दुर्गा पूजा विसर्जन शोभायात्रा के दौरान 4 अक्टूबर 2025 की रात करीब 10:45 बजे पुलिस ने रामभक्तों और देवीभक्तों पर कथित तौर पर बर्बर लाठीचार्ज किया। यह 188 वर्षों में पहली बार हुआ जब बिना किसी औपचारिक आदेश के पुलिस ने शोभायात्रा पर बल प्रयोग किया। शाहगंज कोतवाल दीपेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने कथित तौर पर अनावश्यक रूप से भीड़ पर लाठियां बरसाईं।
सूचना मिलने पर भाजपा जिला संयोजक (जौनपुर) ईशान जायसवाल तुरंत मौके पर पहुंचे और कोतवाल से लाठीचार्ज की वजह पूछी। कोतवाल ने पहले इससे इन्कार किया, लेकिन जब ईशान ने प्रभावित युवकों से बात की तो लाठीचार्ज की पुष्टि हुई। दोबारा सवाल करने पर कोतवाल ने कहा कि चार-पांच बाहरी लड़कों के आपसी विवाद को रोकने के लिए बल प्रयोग किया गया।
ईशान के सवालों से नाराज कोतवाल ने उन्हें और एक अन्य व्यक्ति को रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक थाने में बैठाए रखा। इस दौरान ईशान के खिलाफ कथित तौर पर झूठा मुकदमा भी दर्ज किया गया। घटना की खबर फैलते ही करीब 200 स्थानीय लोग थाने पहुंचे और विरोध जताया। ज्योतिषाचार्य डॉ. अवनीश विक्रम सिंह बघेल और अन्य गणमान्य लोगों के हस्तक्षेप और एसपी के निर्देश के बाद भी कोतवाल ने मामले को टालने की कोशिश की।
ईशान ने सवाल उठाया कि क्या पुलिस को जनता पर बिना वजह लाठियां बरसाने की छूट है? क्या चार-पांच लोगों के विवाद को रोकने के लिए इतना बर्बर लाठीचार्ज जरूरी था? उन्होंने मांग की कि कोतवाल के खिलाफ निष्पक्ष जांच हो और सरकार को बदनाम करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

