एनकाउंटर में घायल 25 हजार के इनामी अपराधी का बीजेपी नेताओं से सम्मान
बिहार लूटकांड के संदिग्ध कोराकत निवासी जयहिंद मौर्य को संघ में स्थान
*कार्यक्रम में मौन साधे रहे एसपी*
उत्तर प्रदेश के जौनपुर में पत्रकारिता के क्षेत्र में कथित अपराधीकरण की घटनाएं सामने आ रही हैं। पुलिस मुठभेड़ में चोटिल इतिहास वाले अपराधी या बिहार के 51 लाख के लूट मामले के आरोपी जैसे व्यक्तियों को पत्रकार का दर्जा देकर जौनपुर पत्रकार संघ में शामिल किया गया। इनका राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी व बदलापुर विधायक रमेश चंद्र मिश्रा द्वारा सम्मान भी किया गया। इस आयोजन में जौनपुर के एसपी डॉ. कौस्तुभ भी मौजूद रहे, जहां वे कथित रूप से अनजाने में दर्शक बने रहे। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों से कई सवाल उठे हैं कि पत्रकारिता जैसे सम्मानजनक क्षेत्र में अपराधियों को क्यों स्थान दिया गया? क्या इसका मकसद अपराधियों को पत्रकारिता के आवरण में छिपाना है? क्या यह पेशे का अपराधीकरण दर्शाता है? इन सवालों के उत्तर अभी अस्पष्ट हैं।
वास्तव में, रविवार को जौनपुर के एक होटल में जौनपुर पत्रकार संघ का 23वां स्थापना दिवस मनाया गया। मुख्य अतिथि के रूप में बीजेपी राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी उपस्थित रहीं, जबकि बदलापुर बीजेपी विधायक रमेश चंद्र मिश्रा व एसपी डॉ. कौस्तुभ सहित अन्य भी शामिल हुए। कार्यक्रम में पत्रकारिता के महत्व पर चर्चा हुई और ईमानदार कर्तव्यों की अपेक्षाएं जताई गईं। लेकिन उसी मंच से कुछ ही समय बाद अपराध पृष्ठभूमि वालों को पत्रकार बनाकर सम्मानित भी किया गया।
*बीजेपी प्रवक्ता संरक्षक, सरकारी अध्यापक महासचिव, अपराधी संघ में: विवादास्पद कदम*
इस संगठन के संरक्षक सत्ताधारी दल बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता ओम प्रकाश सिंह हैं, जबकि अध्यक्ष शशि मोहन सिंह क्षेम व महासचिव प्राथमिक स्कूल शिक्षक मधुकर तिवारी। पत्रकार हितों की बात करने वाला यह समूह अपराधियों को सम्मान देकर अब विवादों के केंद्र में है, जिससे पत्रकारिता की पवित्रता पर प्रश्नचिह्न लगे हैं।
*जौनपुर में अपराधी पृष्ठभूमि वाले पत्रकार बन रहे: सवाल बने*
उत्तर प्रदेश बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता व संघ के संरक्षक ओम प्रकाश सिंह के नेतृत्व वाले संगठन में इतिहास वाले अपराधी व लुटेरे जैसे व्यक्तियों को शामिल कर नेताओं से सम्मान दिलाया गया। सोशल मीडिया पर इनकी तस्वीरें वायरल होने से चर्चा तेज हो गई कि क्या जौनपुर पत्रकार संघ अपराधियों को पत्रकार बनाकर सुरक्षा का माध्यम प्रदान कर रहा है? ऐसे लोगों को सम्मानित करने की क्या आवश्यकता पड़ी, खासकर पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में?
*पुलिस मुठभेड़ में घायल इतिहास वाला अपराधी को मिला सम्मान*
संघ के 23वें स्थापना दिवस पर राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी के निकट बदलापुर विधायक रमेश चंद्र मिश्रा द्वारा सम्मानित व्यक्ति ओम प्रकाश पांडेय बदलापुर थाने का इतिहास वाला (HS-11A) है। जौनपुर पुलिस ने 8 अगस्त 2021 को 25 हजार इनामी इस अपराधी को मुठभेड़ में गोली मारकर घायल किया था। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में 25 से अधिक मामले दर्ज हैं। फिर भी संघ ने इसे पत्रकार बनाकर सम्मान दिया।
*बिहार के 51 लाख लूट मामले का आरोपी भी संघ का सदस्य*
10 अप्रैल 2024 को बिहार के मुजफ्फरपुर में कलकत्ता ज्वेलर्स पर दिनदहाड़े 51 लाख की लूट के आरोपी को जौनपुर पत्रकार संघ ने शामिल किया। सोशल मीडिया पर आरोपी जयहिंद मौर्य की तस्वीरें वायरल हैं, जो केराकत थाना क्षेत्र के निवासी हैं। बिहार पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था, अब वह जमानत पर बाहर है।
*बदलापुर में अर्जुन शर्मा को तहसील अध्यक्ष पद: चर्चा में*
संघ ने बदलापुर तहसील से अर्जुन शर्मा को तहसील अध्यक्ष नियुक्त कर सम्मानित किया। बीजेपी प्रवक्ता व संरक्षक ओम प्रकाश सिंह, राज्यसभा सांसद सीमा द्विवेदी, विधायक रमेश चंद्र मिश्रा व अध्यक्ष शशि मोहन सिंह ने उन्हें सम्मान दिया, जिस पर सोशल मीडिया में बहस छिड़ी।
*अधिकारियों के लिए चेतावनी संदेश*
पत्रकार संघ के आयोजन में एसपी डॉ. कौस्तुभ को विशिष्ट अतिथि बनाकर उनके सामने ही मुठभेड़ घायल अपराधी व अन्य को सम्मानित करना चर्चा का विषय है। एसपी की जानकारी के बिना कुछ पत्रकारों द्वारा अपराधियों का सम्मान कराना अन्य अधिकारियों के लिए सबक है। इस घटना से स्पष्ट है कि जिले के अधिकारी अब कार्यक्रमों में भाग लेने से पहले सतर्क रहेंगे।
*सत्ता से जुड़े नेताओं के प्रतिनिधि बने कुछ पत्रकार*
जौनपुर में निजी हितों के लिए कुछ लोग पत्रकारिता को कलंकित कर रहे हैं। जिम्मेदार संस्थाओं से जुड़े पत्रकार खुलेआम सत्ताधारी दल के नेताओं के प्रतिनिधि बनकर कार्यरत हैं। निजी स्वार्थ न पूरे होने पर द्वेषपूर्ण खबरें या सत्ता की चाटुकारिता आम चर्चा का विषय है। कुछ मीडिया संस्थान अपने प्रतिनिधियों को पार्टी प्रवक्ता बने देख रहे हैं।
अब देखना यह है कि पत्रकार बने इतिहास वाले अपराधी व अन्य पर जौनपुर पुलिस क्या कार्रवाई करती है। क्या ऐसे व्यक्ति एसपी के सामने सम्मानित होकर अपराध से बच जाएंगे, या पुलिस बहुरूपियों पर सख्ती कर अपराध पर नियंत्रण लगाएगी।


