वॉशिंगटन/तेहरान (अखंड राष्ट्र न्यूज़): अमेरिका और ईरान के बीच जारी भीषण युद्ध के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। ईरान के दुर्गम और खतरनाक पहाड़ों में फंसे एक अमेरिकी वायुसेना के कर्नल (Colonel) को अमेरिकी सेना ने एक बेहद साहसी ‘सर्च एंड रेस्क्यू’ ऑपरेशन के जरिए सुरक्षित बचा लिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद इसकी पुष्टि करते हुए इसे अमेरिकी इतिहास के सबसे जांबाज मिशनों में से एक बताया है।
पहाड़ों में छिपे थे कर्नल, पीछे लगी थी IRGC
बता दें कि शुक्रवार (3 अप्रैल) को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) के दौरान अमेरिका का एक F-15E स्ट्राइक ईगल लड़ाकू विमान ईरान की एयर डिफेंस प्रणाली का शिकार होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। विमान में मौजूद पायलट को तो पहले ही बचा लिया गया था, लेकिन दूसरे क्रू मेंबर (वेपन सिस्टम ऑफिसर), जो कि एक सम्मानित कर्नल हैं, लापता थे। वे ईरान के दक्षिण-पश्चिमी कोहगिलुये और बोयर-अहमद प्रांत के ऊबड़-खाबड़ पहाड़ों में फंस गए थे।
IRGC ने रखा था 60,000 डॉलर का इनाम
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) इस अमेरिकी कर्नल को जिंदा पकड़ने के लिए पागल हो रही थी। ईरानी मीडिया के मुताबिक, IRGC ने स्थानीय खानाबदोशों और ग्रामीणों से अपील की थी कि जो भी अमेरिकी पायलट को पकड़वाएगा, उसे 60,000 डॉलर (करीब 50 लाख रुपये) से अधिक का इनाम दिया जाएगा। ईरानी सेना कर्नल के लोकेशन के बेहद करीब पहुंच चुकी थी और हर बीतते घंटे के साथ खतरा बढ़ता जा रहा था।
दर्जनों विमान और ‘डेथ वारंट’ लेकर पहुंची अमेरिकी सेना
राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि जैसे ही कर्नल की लोकेशन कंफर्म हुई, उन्होंने ‘दर्जनों घातक विमानों’ को ईरान की सीमा के भीतर घुसने का आदेश दिया।
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MQ-9 रीपर ड्रोन्स: इन ड्रोन्स ने कर्नल के चारों ओर 3 किलोमीटर का सुरक्षा घेरा बनाया। जो भी ईरानी सैनिक उस दायरे में घुसने की कोशिश करता, उसे ऊपर से ही ढेर कर दिया गया।
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A-10 थंडरबोल्ट और ब्लैक हॉक: रेस्क्यू के दौरान अमेरिकी हेलिकॉप्टरों पर भारी गोलीबारी हुई, लेकिन पायलटों ने अपनी जान पर खेलकर कर्नल को एयरलिफ्ट किया।
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कोई हताहत नहीं: ट्रंप ने गर्व से कहा कि इस पूरे मिशन में एक भी अमेरिकी सैनिक को खरोंच तक नहीं आई।
“घायल हैं, लेकिन सुरक्षित हैं” – ट्रंप
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ‘WE GOT HIM!’ लिखकर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने बताया कि कर्नल को कुछ चोटें आई हैं, लेकिन वे अब पूरी तरह सुरक्षित हैं। ट्रंप ने इसे अमेरिकी हवाई प्रभुत्व (Air Dominance) की जीत बताया और दावा किया कि यह पहली बार है जब दो पायलटों को अलग-अलग मिशन में दुश्मन के इलाके से सही-सलामत निकाला गया है।
ईरान को 48 घंटे का ‘अल्टीमेटम’
पायलट के रेस्क्यू के साथ ही ट्रंप ने तेहरान को आखिरी चेतावनी दे दी है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास 48 घंटे का समय है—या तो वह समझौता करे और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोले, वरना अमेरिका ‘कहर’ बरपाने के लिए तैयार है।
अब पूरी दुनिया की नजरें इन 48 घंटों पर टिकी हैं। क्या ईरान झुकेगा या ये युद्ध और भी विनाशकारी मोड़ लेगा?
