जौनपुर/मछलीशहर: समाजवादी पार्टी के लिए चुनाव में पसीना बहाने वाले एक कट्टर समर्थक का सोशल मीडिया पोस्ट इस समय यूपी की सियासत में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस पोस्ट ने मछलीशहर से सांसद Priya Saroj और उनके पिता तूफानी सरोज की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। समर्थक ने दो-टूक कहा है कि चुनाव जीतने के बाद सांसद क्षेत्र से गायब हैं।
“नोएडा-लखनऊ में ज्यादा, क्षेत्र में कम”
वायरल हो रहे पोस्ट में समर्थक का दर्द और गुस्सा साफ झलक रहा है। समर्थक ने लिखा है कि चुनाव के दौरान उन्होंने घर-घर जाकर वोट मांगे थे, लेकिन अब स्थिति इसके उलट है। पोस्ट के कुछ प्रमुख अंश इस प्रकार हैं:
-
कार्यप्रणाली पर सवाल: “मैंने इनके लिए वोट मांगा था, लेकिन यह बाप-बेटी क्षेत्र में एक भी काम नहीं कर रहे।”
-
दूरी का आरोप: आरोप लगाया गया है कि सांसद और उनके पिता क्षेत्र के बजाय नोएडा और लखनऊ में अपना ज्यादा समय बिता रहे हैं, जिससे जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है।
अगले चुनाव के लिए दे दी खुली चेतावनी
यह नाराजगी सिर्फ सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित नहीं है, बल्कि समर्थक ने भविष्य के लिए भी कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। पोस्ट में चेतावनी देते हुए लिखा गया:
हैलो आदरणीय अध्यक्ष जी @yadavakhilesh जी. यह हमारी चुनी हुई सांसद @PriyaSarojMP जी है.
मैने इनके लिए वोट मांगा है,लोगो से खूब अपील की थी चुनाव के समय,
इनके बाबू जी के लिए भी वोट मांगा था.
लेकिन यह बाप बेटी एक भी काम नहीं किए हैं क्षेत्र में,
यह क्षेत्र में कभी नहीं रहती है,यह… pic.twitter.com/4GU7fyTWcf
— Neeraj Kanojia (@NeerajKanojia16) May 9, 2026
राजनीतिक गलियारों में मची हलचल
सांसद प्रिया सरोज जौनपुर और मछलीशहर क्षेत्र की युवा चेहरों में से एक हैं। ऐसे में उनके अपने ही समर्थकों का इस तरह सार्वजनिक रूप से विरोध करना पार्टी नेतृत्व के लिए चिंता का विषय हो सकता है। सोशल मीडिया पर यूजर्स इस पोस्ट को अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं। कोई इसे ‘जनता की आवाज’ बता रहा है, तो कोई इसे ‘पार्टी का आंतरिक असंतोष’।
मौन है सपा खेमा
इतने बड़े विवाद और वायरल पोस्ट के बावजूद अभी तक सांसद प्रिया सरोज या समाजवादी पार्टी के किसी भी स्थानीय पदाधिकारी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अगर इस नाराजगी को समय रहते दूर नहीं किया गया, तो आने वाले समय में पार्टी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
