Mumbai News: मुंबई के बांद्रा इलाके में स्थित ऐतिहासिक नेविल डिसूज़ा फुटबॉल ग्राउंड (Neville D’Souza Football Ground) को बचाने के लिए खिलाड़ियों, अभिभावकों और स्थानीय निवासियों ने बीएमसी (BMC) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को मुंबई फुटबॉल एसोसिएशन (MFA) के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में जुटे लोगों ने बीएमसी के प्रस्तावित कन्वेंशन सेंटर प्लान के खिलाफ एक जोरदार और शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि इस मैदान को व्यावसायिक केंद्र में बदलने की योजना को तुरंत रद्द किया जाए।
मैदान पर जुटे सैकड़ों बच्चे, कोच और पेरेंट्स हाथों में “LET KIDS PLAY, LET FOOTBALL STAY” (बच्चों को खेलने दो, फुटबॉल को रहने दो) के बैनर और तख्तियां लेकर बीएमसी की नीतियों के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करा रहे थे।
सड़कों पर भी लड़ेंगे और संसद में भी, मैदान यहीं रहेगा: वर्षा गायकवाड़
इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचीं स्थानीय सांसद श्रीमती वर्षा गायकवाड़ ने बीएमसी प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने खेल के मैदान को व्यावसायिक रूप देने की योजना की कड़े शब्दों में निंदा की। वर्षा गायकवाड़ ने कहा, “बीएमसी सिर्फ अपने मुनाफे के लिए हमारे बच्चों के भविष्य और उनके सपनों को नहीं कुचल सकती। अगर बीएमसी को ऐसा लगता है कि वह बांद्रा के युवाओं से उनके खेलने का यह इकलौता मैदान छीन लेगी, तो वह बहुत बड़ी गलतफहमी में है।”
सांसद ने आंदोलन को बड़ा रूप देने की चेतावनी देते हुए कहा, “हम इस तानाशाही के खिलाफ सड़कों पर भी लड़ेंगे और जरूरत पड़ी तो संसद में भी आवाज उठाएंगे। यह खेल का मैदान यहीं रहेगा और हम इसे किसी भी कीमत पर बिकाऊ नहीं होने देंगे।”
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यह विकास नहीं विनाश है, बांद्रा चुप नहीं बैठेगा: निखिल रुपारेल
प्रदर्शन में शामिल प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता निखिल रुपारेल ने भी बीएमसी के इस कदम पर कड़ा रोष व्यक्त किया। उन्होंने प्रशासन की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा, “बीएमसी के इस प्लान को विकास नहीं बल्कि विनाश कहा जाना चाहिए। प्रशासन हजारों उभरते हुए खिलाड़ियों और बच्चों का इकलौता खेल का मैदान छीनने की कोशिश कर रहा है। अगर यह विवादित प्लान तुरंत वापस नहीं लिया गया, तो पूरा बांद्रा चुप नहीं बैठेगा। मैदान को हड़पने की हर कोशिश को जनता पूरी ताकत से नाकाम कर देगी।”
मैदान को खेल के लिए स्थायी रूप से आरक्षित करने की मांग, उग्र आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन के अंत में मुंबई फुटबॉल एसोसिएशन (MFA) और बांद्रा के निवासियों ने बीएमसी के अधिकारियों को एक आधिकारिक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के जरिए मांग की गई है कि कन्वेंशन सेंटर बनाने के इस प्रस्ताव को तत्काल प्रभाव से पूरी तरह रद्द किया जाए और नेविल डिसूज़ा ग्राउंड को हमेशा के लिए (स्थायी रूप से) केवल खेल गतिविधियों के लिए ही आरक्षित रखा जाए।
मैदान पर मौजूद अभिभावकों (पेरेंट्स) ने भी प्रशासन को सचेत किया कि अगर समय रहते उनकी मांगों पर सकारात्मक जवाब नहीं मिला, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और ज्यादा उग्र और व्यापक होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बीएमसी प्रशासन की होगी।

