1976 बूथों पर शुरू हुआ अभियान, 4.24 लाख से अधिक बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की दवा
अभिभावकों से अपील – 5 वर्ष तक का कोई भी बच्चा दवा से वंचित न रहे
धनबाद जिले में रविवार को राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ उप विकास आयुक्त (डीडीसी) श्री सन्नी राज ने सदर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को “दो बूंद जिंदगी की” पिलाकर किया। इस दौरान अगस्त्या सिन्हा, सनव, मिशिका एवं देवांशी सहित कई बच्चों को पोलियो की खुराक दी गई और अभियान की औपचारिक शुरुआत हुई।

इस अवसर पर डीडीसी श्री सन्नी राज ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं। उन्होंने कहा कि बच्चों का स्वस्थ भविष्य हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है और पोलियो की दो बूंद उन्हें आजीवन दिव्यांगता से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए बरसात से पहले यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है, ताकि जिले का कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रह जाए।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 28 से 30 जून तक चलने वाले इस अभियान में जिले के 4 लाख 24 हजार 729 बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पहले दिन 1976 बूथों पर बच्चों को दवा पिलाई गई, जबकि 29 एवं 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की खुराक देंगी।
सिविल सर्जन डॉ. आलोक विश्वकर्मा ने बताया कि अभियान के सफल संचालन के लिए 1873 स्थायी बूथ, 79 ट्रांजिट बूथ, 16 मोबाइल टीम तथा एक विशेष 8 सदस्यीय टीम सहित कुल 1976 बूथ बनाए गए हैं। अभियान की निगरानी के लिए 392 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। वहीं, प्रत्येक बूथ तक समय पर वैक्सीन पहुंचाने और उसकी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए 137 सब-डिपो की व्यवस्था की गई है।
अभियान की शुरुआत से पूर्व उप विकास आयुक्त ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया और स्वास्थ्य विभाग की टीम को सफल संचालन के लिए शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त श्री सन्नी राज, सिविल सर्जन डॉ. आलोक विश्वकर्मा, जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ. रोहित गौतम, उपाधीक्षक डॉ. संजीव कुमार प्रसाद, डब्ल्यूएचओ के एसएमओ डॉ. दीपक कुमार, डीपीएम श्रीमती प्रतिमा कुमारी, एमओआईसी डॉ. अनिता चौधरी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, चिकित्सक एवं बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।


