दुर्गा पूजा पर धनबाद में सुरक्षा का कड़ा पहरा, हर पंडाल में पुलिस की तैनाती; DJ पर रहेगा प्रतिबंध
धनबाद, 12 अक्टूबर 2026। दुर्गा पूजा के दौरान शांति, सुरक्षा और बेहतर नागरिक सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को न्यू टाउन हॉल में वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक हुई। इसमें पूजा पंडालों की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात, साफ-सफाई और प्रतिमा विसर्जन की व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि त्योहार के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नजर रखी जाएगी।
हर पूजा पंडाल में पुलिसकर्मी और CCTV से निगरानी
बैठक में एसएसपी ने निर्देश दिया कि सभी पूजा पंडालों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगे। प्रत्येक पंडाल में सीसीटीवी कैमरे लगाने और उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। अग्निशमन से बचाव के लिए पंडालों में फायर एक्सटिंग्विशर रखना भी अनिवार्य बताया गया।
श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए महिला और पुरुषों की अलग-अलग कतार बनाने तथा पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों की तैनाती करने का निर्देश दिया गया। पूजा समितियों को स्थानीय थानों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने को भी कहा गया।
DJ बजाने पर रोक, विसर्जन मार्ग की जांच जरूरी
प्रशासन ने पूजा और प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे बजाने पर प्रतिबंध की जानकारी देते हुए समितियों को निर्धारित नियमों का पालन करने को कहा। विसर्जन से पहले रूट का भौतिक सत्यापन करना और प्रतिमा ले जाने वाले वाहनों की तकनीकी स्थिति की जांच करना जरूरी होगा, ताकि रास्ते में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
सोशल मीडिया पर अफवाहों को रोकने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप संचालकों से ग्रुप की सेटिंग ‘Only Admin Can Post’ रखने की अपील की गई। प्रशासन ने बताया कि सोशल मीडिया पर निगरानी रखी जाएगी और पूजा के दौरान नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रहेगा।
भारी वाहनों पर नियंत्रण, पार्किंग के लिए नए इंतजाम
शहर में जाम की समस्या से निपटने के लिए व्यस्त समय के दौरान भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने की योजना बनाई गई है। बरमसिया में हाइट बैरियर लगाने और नए पार्किंग स्थलों को चिह्नित करने की जानकारी भी बैठक में दी गई।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए गोल्फ ग्राउंड और कोहिनूर वेंडिंग जोन में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। किसी आपात स्थिति में डायल 112 के अलावा नियंत्रण कक्ष के चार अन्य मोबाइल नंबरों पर भी संपर्क किया जा सकेगा। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने वाले लोगों की पहचान गोपनीय रखने की बात कही गई।
स्ट्रीट लाइट, पानी और तालाबों की सफाई पर नगर निगम का जोर
नगर आयुक्त आशीष गंगवार ने कहा कि दुर्गा पूजा के दौरान शहर में रोशनी और जलापूर्ति की व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। खराब स्ट्रीट लाइटों को ठीक करने के साथ नियमित पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि तालाबों की सफाई तीन चरणों में कराई जाएगी। पहला चरण दुर्गा पूजा से पहले, दूसरा प्रतिमा विसर्जन के तुरंत बाद और तीसरा छठ पूजा से पहले पूरा किया जाएगा। पूजा समितियों से अपील की गई कि प्रतिमाओं का विसर्जन नगर निगम की ओर से निर्धारित स्थानों पर ही करें।
विधायकों और जनप्रतिनिधियों ने भी रखे सुझाव
बैठक में धनबाद के विधायक राज सिन्हा ने ब्रांच रोड पर वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने, हाईवा परिचालन पर निगरानी रखने, पूजा पंडालों के आसपास शराब दुकानों पर विशेष चौकसी बरतने, आवारा पशुओं को नियंत्रित करने और मुख्य सड़कों के कट बंद करने जैसे सुझाव दिए।
झरिया की विधायक रागिनी सिंह ने झरिया को जाम से मुक्त रखने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में आम लोगों के वाहनों को रास्ता देने की व्यवस्था पर जोर दिया।
धनबाद के महापौर संजीव सिंह ने भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन और नगर निगम मिलकर नागरिकों की समस्याओं का समाधान करेंगे। चिरकुंडा नगर परिषद की अध्यक्ष सुनीता देवी ने भी आम लोगों की परेशानियों के निराकरण में सहयोग का आश्वासन दिया।
सौहार्दपूर्ण माहौल में त्योहार मनाने की अपील
बैठक में अपर समाहर्ता प्रदीप कुमार शुक्ला, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर अरविंद कुमार ओझा, अनुमंडल दंडाधिकारी लोकेश बारंगे, जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधि, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी और शांति समिति के सदस्य उपस्थित रहे। सदस्यों ने अपने सुझावों के माध्यम से पूजा के दौरान सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया।
जिला प्रशासन ने जिलेवासियों और पूजा समितियों से अपील की कि वे निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें, अफवाहों से बचें और आपसी भाईचारे के साथ दुर्गा पूजा मनाएं। प्रशासन का उद्देश्य है कि श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में पूजा-अर्चना कर सकें और त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो।


