पुरानी दिल्ली के Chandni Chowk इलाके में हुए तीन मंजिला इमारत हादसे के बाद पूरी प्रशासनिक और आपातकालीन मशीनरी को हाई अलर्ट पर रखा गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) तरणजीत सिंह संधू ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए सभी संबंधित आपातकालीन और प्रशासनिक एजेंसियों को युद्ध स्तर पर खोज, बचाव और मलबा हटाने का अभियान चलाने का निर्देश दिया है।
एनडीआरएफ, दिल्ली पुलिस और दमकल की संयुक्त टीमें तैनात
हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर बहु-एजेंसी (Multi-agency) बचाव अभियान शुरू किया गया। इसमें दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, दिल्ली नगर निगम (MCD), दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), सेंट्रल एक्सीडेंट आघात सेवा (CATS) और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की विशेष टीमों को तैनात किया गया है।
उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक संदेश साझा करते हुए कहा, “पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार में निर्माणाधीन इमारत के ढहने की दुखद घटना से अत्यंत दुखी हूँ। मेरी संवेदनाएं पीड़ितों और उनके परिजनों के साथ हैं। मैंने दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और नगर निगम को डीडीएमए व एनडीआरएफ के साथ मिलकर युद्ध स्तर पर गहन खोज व बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।”
जवाबदेही तय करने और कड़े सुरक्षा ऑडिट की मांग
उपराज्यपाल ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि हादसे में घायल हुए सभी व्यक्तियों को बिना किसी देरी के गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा देखभाल की गारंटी दी जाए। उन्होंने प्रशासनिक चूक का पता लगाने के लिए मामले की गहन जांच करने पर जोर दिया ताकि भविष्य के लिए सख्त जवाबदेही तय की जा सके।
यह भी पढ़ें: Chandni Chowk के पास ढही 3 मंजिला इमारत, 2 की मौत!
प्रशासनिक विश्लेषकों का मानना है कि पुरानी दिल्ली जैसे ऐतिहासिक और सघन आबादी वाले इलाकों में बिना पुख्ता सुरक्षा मानकों के हो रहे निर्माण कार्यों पर लगाम लगाने के लिए अब नगर निगम और विकास प्राधिकरणों को और अधिक पारदर्शी व जवाबदेह नीति अपनानी होगी।


