दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास के खिलाफ दर्ज दूसरी FIR को भी क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया है। अब दोनों मामलों की जांच क्राइम ब्रांच के पास है।
13 अक्टूबर को रांका, दास, अजिंक्य शिंदे और सीजेपी के 11 अन्य सदस्य जंतर मंतर पहुंचे थे। जंतर मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में डिनोटिफाई कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार, उन्होंने निजी परिसर से होकर अनधिकृत तरीके से प्रवेश करने की कोशिश की। मौके पर तैनात पुलिस ने उन्हें रोका और सभी 14 लोगों को हिरासत में ले लिया। इस घटना को लेकर दो FIR दर्ज की गईं।
14 अक्टूबर को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने दोनों नेताओं को शांति बॉन्ड तोड़ने के आरोप में पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। सोमवार को उनकी हिरासत दो दिन और बढ़ा दी गई। वे अभी भी जेल में हैं।
सोमवार को जंतर मंतर में अनधिकृत प्रवेश से जुड़े एक मामले को क्राइम ब्रांच को सौंपा गया था। मंगलवार को दूसरा मामला भी क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया। पुलिस ने आरोप लगाया है कि दोनों नेताओं ने लॉक किए गए गेट को फांदकर प्रवेश किया, पुलिस बैरिकेड पार किए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की।
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने हाल ही में एक वीडियो में रांका और दास को आंदोलन के असली निर्णयकर्ता बताया था। उन्होंने कहा कि दोनों उनके भाई हैं और उन्होंने उनके निर्देशों का पालन किया। दीपके ने दीवाली तक प्रदर्शन न करने की घोषणा भी की है।
दोनों नेताओं की हिरासत बढ़ाने और मामलों को क्राइम ब्रांच को सौंपने के बाद सीजेपी लीडरशिप पर कानूनी दबाव साफ बढ़ गया है। अगली पेशी और हाईकोर्ट में दायर याचिका की सुनवाई अब ध्यान का केंद्र है।
संबंधित जानकारी
जंतर मंतर, प्रदर्शन स्थलों और दिल्ली पुलिस से जुड़े आधिकारिक अपडेट के लिए दिल्ली पुलिस की वेबसाइट देख सकते हैं।
देश की राजनीति, लोकतंत्र और जनहित से जुड़े मुद्दों पर पढ़ें भरोसेमंद खबरें और विस्तृत रिपोर्ट।


