नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने महिलाओं की स्थिति और संगठन की सोच पर टिप्पणी करते हुए संघ की आलोचना की। राहुल गांधी ने कहा कि उनका भरोसा शिव-शक्ति में है और उन्हें RSS की विचारधारा के खिलाफ लड़ने में खुशी मिलती है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर क्या कहा?
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में RSS की विचारधारा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि RSS महिलाओं को पुरुषों की संपत्ति मानता है। राहुल गांधी ने अपनी बात रखते हुए शिव-शक्ति में विश्वास जताया और कहा कि इसी विश्वास के कारण उन्हें संघ की विचारधारा के खिलाफ लड़ने में खुशी मिलती है।
राहुल गांधी के इस बयान से महिला अधिकारों, सामाजिक समानता और राजनीतिक विचारधाराओं को लेकर बहस तेज होने की संभावना है। हालांकि, महिलाओं को पुरुषों की संपत्ति मानने संबंधी बात राहुल गांधी का आरोप है, इसे RSS की आधिकारिक मान्यता के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए।
शिव-शक्ति का जिक्र कर क्या संदेश दिया?
अपने बयान में राहुल गांधी ने शिव-शक्ति का उल्लेख करते हुए अपनी वैचारिक स्थिति स्पष्ट की। उनके संदेश का मुख्य जोर महिलाओं के सम्मान और समानता से जुड़े मुद्दों पर था। उन्होंने RSS की सोच का विरोध करने की बात कही और यह भी दावा किया कि संघ से जुड़ी महिलाएं भी उनके पक्ष में हैं।
इस बयान के जरिए राहुल गांधी ने महिला अधिकारों को राजनीतिक बहस के केंद्र में लाने की कोशिश की। उनका आरोप है कि RSS की विचारधारा महिलाओं को समान दर्जा देने के बजाय पुरुषों के अधीन रखने वाली सोच को बढ़ावा देती है।
राजनीतिक बहस में फिर RSS निशाने पर
कांग्रेस और RSS के बीच वैचारिक मतभेद लंबे समय से भारतीय राजनीति का हिस्सा रहे हैं। कांग्रेस नेता अक्सर संघ की विचारधारा, सामाजिक दृष्टिकोण और संवैधानिक मूल्यों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। वहीं, RSS अपनी विचारधारा और सामाजिक गतिविधियों को लेकर अलग दृष्टिकोण रखता है।
राहुल गांधी की ताजा टिप्पणी को इसी वैचारिक टकराव के संदर्भ में देखा जा सकता है। उनके बयान पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आने की स्थिति में यह मुद्दा महिला अधिकारों और संगठनों की सामाजिक सोच को लेकर व्यापक चर्चा का विषय बन सकता है।


