नई दिल्ली: चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्षी दलों के INDIA ब्लॉक की अहम बैठक बुधवार, 30 सितंबर को नई दिल्ली में हुई। बैठक में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी समेत कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। बैठक में SIR, मतदाता सूची में बदलाव, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
बैठक के बाद विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर आगे संयुक्त रूप से आवाज उठाने की रणनीति पर चर्चा की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने भविष्य के चुनावों में SIR से पहले तैयार मतदाता सूची को आधार बनाने की मांग रखी। इसके अलावा उन्होंने बैलेट पेपर से मतदान करने की बात रखी
SIR बना बैठक का प्रमुख मुद्दा
बैठक में SIR को लेकर विपक्षी दलों की चिंताएं प्रमुखता से सामने आईं। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में वास्तविक मतदाताओं के नाम प्रभावित नहीं होने चाहिए और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से होनी चाहिए।
विपक्षी दलों ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने, सत्यापन प्रक्रिया और प्रभावित मतदाताओं को पर्याप्त जानकारी देने जैसे मुद्दे उठाए। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने चुनाव आयोग से SIR की प्रक्रिया को लेकर अधिक पारदर्शिता की मांग की है। हालांकि, SIR को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए गए आरोप राजनीतिक दावे हैं। इन दावों का आकलन करने के लिए चुनाव आयोग का आधिकारिक पक्ष और संबंधित आंकड़े महत्वपूर्ण हैं।
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा
बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर विपक्षी दलों की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर भी चर्चा हुई। विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखीं।
बैठक से पहले मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई और उन्हें पद से हटाने की मांग से जुड़ी चर्चाएं भी सामने आई थीं। बैठक में इस मुद्दे पर आगे की राजनीतिक और संसदीय रणनीति पर विचार किया गया।
2 अक्टूबर से ‘Save Democracy’ मार्च, 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च
बैठक के बाद सामने आई जानकारी के मुताबिक विपक्षी दल 2 अक्टूबर से ‘Save Democracy’ मार्च शुरू करने की तैयारी में हैं। इसके अलावा 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च निकालने की योजना भी सामने आई है। इन कार्यक्रमों के जरिए SIR, मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों को सार्वजनिक रूप से उठाने की तैयारी है।
बैठक में कौन-कौन शामिल हुआ?
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी समेत कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव व्यक्तिगत रूप से बैठक में मौजूद नहीं रहे। उनकी पार्टी की ओर से प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। वहीं आम आदमी पार्टी ने बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला किया। AAP सांसद संजय सिंह के मुताबिक उनकी पार्टी अब INDIA ब्लॉक का हिस्सा नहीं है। हालांकि, पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई से जुड़े प्रस्ताव का समर्थन करने की बात कही है।
DMK के भी बैठक से दूरी बनाने की खबर सामने आई। पार्टी की ओर से कांग्रेस के साथ राजनीतिक मतभेदों का हवाला दिया गया।
आगे क्या होगा?
30 सितंबर की बैठक के बाद अब विपक्षी दलों की नजर प्रस्तावित कार्यक्रमों पर है। 2 अक्टूबर से ‘Save Democracy’ मार्च और 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक प्रस्तावित मार्च के जरिए विपक्ष SIR, मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों को उठाने की तैयारी में है।
बैठक में शामिल दलों ने इन मुद्दों पर संयुक्त रूप से आगे बढ़ने की रणनीति पर जोर दिया है। हालांकि सभी विपक्षी दल बैठक में शामिल नहीं हुए, जिससे INDIA ब्लॉक की एकजुटता को लेकर भी राजनीतिक चर्चा जारी है।


