मध्य प्रदेश के भोपाल से भाजपा विधायक Rameshwar Sharma के एक बयान ने राजनीतिक चर्चा छेड़ दी है। 1 नवंबर 2026 को भोपाल में आयोजित स्वदेशी मेला के मंच से दिए गए उनके बयान में चांद और ईद का जिक्र था, जिसने व्यापक प्रतिक्रियाएं पैदा की हैं। Rameshwar Sharma ने कहा कि सूरज और चांद उनके हैं और मुसलमान भी अब उनसे पूछकर ईद मनाएंगे।
Rameshwar Sharma ने क्या कहा?
Rameshwar Sharma ने स्वदेशी मेला-2026 के कार्यक्रम के दौरान मंच से संबोधित करते हुए कहा,
उन्होंने आगे तंज कसते हुए कहा कि अगर भगवान शंकर धूनी रमाकर किसी गुफा में चले जाएं और चंद्रमा न दिखे, तो ईद मनाना भी मुश्किल हो जाएगा।
उन्होंने चंद्रमा को भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान बताते हुए इसे “सनातन चांद” करार दिया। Rameshwar Sharma ने कहा कि मुसलमान जिस चांद को देखकर ईद मनाते हैं, वह असल में सनातन धर्म से जुड़ा है। उन्होंने सूर्य का भी जिक्र करते हुए कहा कि सूरज भी उनका है।
यह बयान हुजूर विधानसभा से विधायक Rameshwar Sharma द्वारा दिया गया, जो मध्य प्रदेश में तीसरी बार विधायक चुने गए हैं। स्वदेशी मेला भोपाल में आयोजित हो रहा था और वहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
बयान के बाद की प्रतिक्रियाएं
Rameshwar Sharma के बयान पर मुस्लिम नेताओं और कुछ राजनीतिक दलों की ओर से प्रतिक्रियाएं आईं। मुस्लिम नेता अब्बास हफीज ने इस बयान को बचकाना और राजनीतिक लाभ के लिए दिया गया बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मुसलमानों को अब ईद मनाने के लिए किसी विधायक या सरकार से अनुमति लेनी पड़ेगी।
अब्बास हफीज ने कहा कि मुसलमानों ने कभी किसी से ईद मनाने की अनुमति नहीं मांगी और न ही मांगेंगे। उन्होंने बयान को परिपक्वता की कमी वाला करार दिया।
कुछ अन्य मुस्लिम संगठनों ने भी आपत्ति जताई है।
वहीं, Rameshwar Sharma के समर्थकों का कहना है कि वे सनातन संस्कृति की बात कर रहे थे और इसमें कोई आपत्तिजनक बात नहीं है। बयान के बाद सोशल मीडिया पर दोनों पक्षों से चर्चा हुई। कुछ लोगों ने इसे धार्मिक भावनाओं से जोड़ा, तो कुछ ने राजनीतिक बयानबाजी करार दिया।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
Rameshwar Sharma भोपाल की हुजूर सीट से भाजपा के विधायक हैं। वे पहले भी कई मौकों पर तीखे और विवादित बयान दे चुके हैं। इससे पहले भी उनके बयानों पर राजनीतिक विवाद हो चुके हैं। इस बार का बयान स्वदेशी मेला के मंच से आया, जहां वे सनातन और स्वदेशी मूल्यों की बात कर रहे थे।
ईद चांद देखने के आधार पर मनाई जाती है। Rameshwar Sharma ने चंद्रमा को भगवान शिव से जोड़ते हुए अपना तर्क रखा। उन्होंने कहा कि चंद्रमा भगवान शंकर के मस्तक पर है, इसलिए उसे सनातन माना जाना चाहिए। इस तर्क के साथ उन्होंने ईद मनाने की बात कही।
बयान के बाद राजनीतिक दलों में भी चर्चा हुई। विपक्षी दलों ने इसे सांप्रदायिक करार दिया, जबकि सत्ता पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया। Rameshwar Sharma ने बाद में भी अपने बयान पर अडिग रहने की बात कही।
राजनीतिक प्रभाव
मध्य प्रदेश में इस बयान ने स्थानीय स्तर पर चर्चा बढ़ा दी है। Rameshwar Sharma जैसे नेताओं के बयान अक्सर सोशल मीडिया पर वायरल होते हैं और राजनीतिक बहस का विषय बन जाते हैं। इस बार भी ईद और चांद को लेकर उनके शब्दों ने ध्यान खींचा।
कुछ विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे बयान चुनावी माहौल में या सामुदायिक मुद्दों पर ध्रुवीकरण पैदा कर सकते हैं। वहीं कुछ का कहना है कि ये व्यक्तिगत विचार हैं और इन्हें ज्यादा महत्व नहीं देना चाहिए। Rameshwar Sharma के बयान ने एक बार फिर धर्म, संस्कृति और राजनीति के मिश्रण पर सवाल खड़े किए हैं।
स्वदेशी मेला जैसे कार्यक्रमों में नेता अक्सर सांस्कृतिक और धार्मिक मुद्दों पर बोलते हैं। Rameshwar Sharma ने भी उसी माहौल में अपना बयान दिया। चांद और सूरज को लेकर उनका दावा और ईद से जोड़कर कही गई बात अब चर्चा का विषय बन गई है।
बयान के बाद कुछ लोगों ने इसे हास्यपूर्ण बताया, तो कुछ ने गंभीरता से लिया। Rameshwar Sharma ने भगवान शिव और चंद्रमा के संबंध को आधार बनाकर अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मुसलमान ईद मनाएं, लेकिन सनातन चांद को स्वीकार करें।
यह पूरा मामला अभी चर्चा में है। Rameshwar Sharma का बयान मध्य प्रदेश की राजनीति में एक और विवादित अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। आगे की प्रतिक्रियाएं और राजनीतिक दल क्या रुख अपनाते हैं, यह देखना बाकी है।
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खबर से जुड़े बाहरी स्रोत
Moneycontrol – Rameshwar Sharma के ईद और चांद वाले बयान पर रिपोर्ट
The Sootr – भोपाल के स्वदेशी मेले में दिए गए बयान की रिपोर्ट
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